देश की खबरें | केरल में जानवरों के हमले के पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने की सर्वदलीय बैठक में की गई सिफरिश

वायनाड (केरल), 16 जनवरी राज्य के पर्वतीय वन जिले में मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि को लेकर सोमवार को यहां हुई एक सर्वदलीय बैठक में सिफारिश की गई कि इस तरह के हमले के पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे में वृद्धि की जानी चाहिए।

बैठक के बाद केरल के वन मंत्री ए. के. ससींद्रन ने कहा कि केवल राज्य मंत्रिमंडल ही पशु हमले के पीड़ितों को मुआवजा बढ़ाने पर अंतिम निर्णय ले सकता है।

ससींद्रन ने कहा, "इस संबंध में सर्वदलीय बैठक की सिफारिश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में सौंपी जाएगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा माना जाता है कि जानवर मानव बस्तियों में इसलिए घुस रहे हैं क्योंकि केरल के जंगलों में वन्यजीवों की आबादी बढ़ गई है।

ससींद्रन ने कहा, "अगर हम अतिरिक्त जानवरों को पकड़ते हैं, तो यह मुद्दा आता है कि ऐसे जानवरों के साथ क्या किया जाए। सर्वदलीय बैठक में इसके लिए सुविधाओं की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। वरिष्ठ वन अधिकारियों को जानवरों के पुनर्वास और संरक्षण की संभावनाओं को देखने का जिम्मा सौंपा गया है।"

मंत्री ने कहा कि उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इन जानवरों के पुनर्वास और संरक्षण की संभावना पर एक रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा है।

इस बीच, 12 जनवरी को बाघ के हमले में जान गंवाने वाले थॉमस (50) के परिवार ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के अधिकारी उसे उचित इलाज मुहैया कराने में विफल रहे।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि उन्होंने थॉमस के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में जिला और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

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