जरुरी जानकारी | आयकर विभाग ने न्यासों, संस्थानों को ऑडिट रिपोर्ट में विलंब के लिए ‘माफी’ दी

नयी दिल्ली, चार नवंबर आयकर विभाग ने कर छूट के लिए दावा करने वाले न्यासों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने में विलंब के लिए माफी दे दी है।

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किसी भी कोष, न्यास, शैक्षणिक और चिकित्सा विश्वविद्यालय और अस्पतालों और अन्य संस्थानों के लिए आयकर छूट का दावा करने के लिए संबंधित वर्ष में कुल आय कर छूट की अधिकतम सीमा से ज्यादा होने पर अपने खातों का ऑडिट कराना होता है।

आयकर कानून के तहत ऐसे संस्थान निर्धारित समयसीमा में 10बीबी फॉर्म में लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही कर लाभ का दावा कर सकते हैं।

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक परिपत्र में कहा गया है कि आयकर आयुक्त ‘विलंब के लिए माफी’ देते हुए आकलन वर्ष 2018-19 से पहले वर्षों के लिए फॉर्म 10बीबी में देरी से दाखिल आवेदनों को स्वीकार करेंगे।

आयुक्त ऐसे आवेदनों को स्वीकार करते समय यह सुनिश्चित करेंगे कि आवेदक उचित कारणों की वजह से समय पर आवेदन दाखिल नहीं कर पाया है। इस तरह के सभी आवेदनों का निपटान 31 मार्च, 2021 तक किया जाएगा।

नांगिया एंडरसन एलएलपी के भागीदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि न्यासों संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने में विलंब के लिए राहत दी गई है। 2020 की शुरुआत में अन्य परमार्थ संस्थानों को भी इसी तरह की राहत दी गई थी।

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