ताजा खबरें | तीन वर्षों में अनुसूचित जाति-जनजाति के खिलाफ अत्याचार के 1,61,117 मामले दर्ज किए गए
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. देश में 2018 से 2020 के दौरान तीन वर्षों की अवधि में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत 1,61,117 मामले दर्ज किये गए।
नयी दिल्ली, 29 मार्च देश में 2018 से 2020 के दौरान तीन वर्षों की अवधि में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत 1,61,117 मामले दर्ज किये गए।
लोकसभा में दानिश अली के प्रश्न के लिखित उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने यह जानकारी दी।
आठवले द्वारा सदन में पेश आंकड़ों के मुताबिक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत देशभर में वर्ष 2018 में 49,064 मामले, वर्ष 2019 में 53,515 मामले और वर्ष 2020 में 58,538 मामले दर्ज किये गए।
मंत्री ने बताया कि पुलिस और लोक व्यवस्था राज्य के विषय हैं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 संबंधित राज्य सरकारों एवं संघ राज्य क्षेत्र के प्रशासनों द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
आठवले ने कहा कि सरकार अत्याचार से संबंधित मामलों को शीघ्र दर्ज करने, अपराधों की तीव्रता से जांच करने और न्यायालयों द्वारा मामलों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार की कानून कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ समीक्षा कर रही है।
लोकसभा में दानिश अली ने पूछा था कि पिछले तीन वर्षों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के विरूद्ध अत्याचारों विशेष रूप से समुदाय के युवकों को शादी में घोड़ी पर चढ़ने से रोकने, बरात को रोकने, डीजे संगीत बंद कराने सहित दर्ज मामलों की राज्यवार संख्या कितनी है।
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