लखनऊ, पांच मार्च महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की टिप्पणी और उन्हें विधानसभा से निलंबित किए जाने के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को आश्चर्य जताया कि अगर निलंबन का आधार विचारधारा से प्रभावित होने लगे, तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गुलामी में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
लोकसभा सदस्य और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने बिना आजमी का नाम लिये हुए यह भी कहा कि अगर कुछ लोग ये सोचते हैं कि निलंबन से सच बोलने पर लगाम लगाई जा सकती है, तो यह उनकी ‘‘नकारात्मक सोच का बचपना’’ है।
यादव का यह बयान महाराष्ट्र में आजमी की टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच आया है।
मुगल बादशाह औरंगजेब की ‘‘प्रशंसा’’ करने वाली टिप्पणी को लेकर आजमी को बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा से बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘निलंबन का आधार यदि विचारधारा से प्रभावित होने लगेगा तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परतंत्रता में क्या अंतर रह जाएगा। हमारे विधायक हों या सांसद उनकी बेख़ौफ़ दानिशमंदी (बुद्धिमत्ता) बेमिसाल है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग अगर सोचते हैं कि निलंबन से सच की ज़ुबान पर कोई लगाम लगा सकता है तो फिर ये उनकी नकारात्मक सोच का बचपना है।’’
यादव ने कहा, ‘‘आज़ाद ख़्याल कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!’’
जफर
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