नयी दिल्ली, 20 फरवरी देश की प्रमुख वाहन कलपुर्जा कंपनियां अगले वित्त वर्ष में क्षमता विस्तार और स्थानीयकरण के लिए 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती हैं।
रेटिंग कंपनी इक्रा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इसमें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कलपुर्जे भी शामिल हैं।
इस क्षेत्र से क्षमता वृद्धि और आगामी नियामकीय बदलावों के कारण भी निवेश की उम्मीद है।
इक्रा की कॉरपोरेट रेटिंग की उपाध्यक्ष और क्षेत्र प्रमुख विनुता एस ने बयान में कहा, ‘‘बड़े वाहन कलपुर्जा आपूर्तिकर्ताओं के साथ इक्रा की बातचीत से संकेत मिलता है कि उद्योग वित्त वर्ष 2024-25 में 15,000-20,000 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 25,000-30,000 करोड़ रुपये खर्च कर सकता है।''
उन्होंने कहा कि क्षमता वृद्धि और आगामी विनियामक परिवर्तनों के लिए पूंजीगत व्यय के अलावा नए उत्पादों, विशेष उत्पाद विकास और उन्नत प्रौद्योगिकी तथा ईवी कलपुर्जों के विकास के लिए यह निवेश किया जाएगा।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारतीय वाहन कलपुर्जा उद्योग की राजस्व वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7-9 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 8-10 प्रतिशत रहेगी। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2023-24 में 14 प्रतिशत के उच्चस्तर से कम है।
विनुता एस ने कहा, ‘‘घरेलू मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) की मांग वित्त वर्ष 2024-25 में 7-9 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 8-10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।''
उन्होंने कहा कि इस वृद्धि का एक हिस्सा उन्नत कलपुर्जों और उनके मूल्यवर्धन से आएगा।
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