देश की खबरें | मोरबी पुल हादसे में अदालत ने पटेल एवं अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किये जाने की याचिका खारिज की
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मोरबी (गुजरात), 29 अप्रैल मोरबी की एक अदालत ने 2022 में एक पुल टूट जाने के मामले में गैर इरादतन हत्या के अपराध से बरी करने की ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल एवं नौ अन्य आरोपियों की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
गुजरात के मोरबी में 30 अक्टूबर 2022 को मच्छू नदी पर एक झूलते पुल के टूट जाने से 135 लोगों की मौत हो गई थी।
प्रधान सत्र न्यायाधीश डी पी महिदा ने आरोपियों की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 304 (गैर इरादतन हत्या) और 308 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास) के तहत आरोपों मुक्त किये जाने का अनुरोध किया था।
सरकारी अधिवक्ता विजय जानी ने कहा, ‘‘सभी दस आरोपियों ने केवल इन दो धाराओं के तहत अपराधों से मुक्त करने की मांग करते हुए सत्र न्यायालय का रुख किया था। उन्होंने धाराओं 336 (मानव जीवन को खतरे में डालने वाला कार्य), 337 (किसी व्यक्ति को जल्दबाजी या लापरवाही से चोट पहुंचाना) और 114 (अपराध में साथ देना) के तहत अपराधों से मुक्ति की मांग नहीं की, जिसके लिए उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।’’
उन्होंने कहा कि धारा 304 के तहत अधिकतम सजा आजीवन कारावास है और धारा 308 के तहत 10 साल के जेल की सजा है।
जानी ने कहा, ‘‘अब आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये जायेंगे और सुनवाई शुरू होगी।’’
मुख्य आरोपी एवं ओरेवा के प्रबंध निदेशक (एम डी) जयसुख पटेल को मार्च 2024 में उच्चतम न्यायालय ने जमानत दे दी थी। पटेल की कंपनी ब्रिटिश काल के इस झूलते पुल के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार थी।
जानी ने बताया कि इस त्रासदी के पीड़ितों के एक संगठन और एक अन्य व्यक्ति द्वारा मोरबी नगरपालिका और तत्कालीन मोरबी जिलाधिकारी को आरोपी बनाने की मांग करने वाली याचिकाएं शीर्ष अदालत में लंबित हैं।
मामले के दस आरोपियों में आठ को गुजरात उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी है। उनमें ओरेवा समूह के दो प्रबंधक, दो क्लर्क, तीन सुरक्षा गार्ड और पुल की पेंटिंग में शामिल एक व्यक्ति है। एक व्यक्ति अब भी जेल में है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2025 07:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

