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देश की खबरें | नाबालिग बहनों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, दो को छह-छह वर्ष की सजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की एक अदालत ने अनुसूचित जाति समुदाय की दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने और फिर हत्या के मामले में सोमवार को चार दोषियों को सजा सुनायी है।

देश की खबरें | नाबालिग बहनों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, दो को छह-छह वर्ष की सजा

लखीमपुर खीरी (उप्र), 14 अगस्त उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की एक अदालत ने अनुसूचित जाति समुदाय की दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने और फिर हत्या के मामले में सोमवार को चार दोषियों को सजा सुनायी है।

अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास और दो को छह-छह वर्ष की सजा सुनायी है।

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो अधिनियम) बृजेश पांडेय ने बताया कि विशेष पॉक्सो अदालत के अपर सत्र व जिला न्‍यायाधीश राहुल सिंह की अदालत ने मामले में दो आरोपियों जुनैद और सुनील उर्फ छोटू को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 46-46 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

इसके अलावा करीमुद्दीन और आरिफ को छह-छह वर्ष कैद की सजा सुनाने के साथ पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने चारों आरोपियों को 11 अगस्त को दोषी करार देते हुए 14 अगस्त की तारीख सजा सुनाने के लिए तय की थी।

उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर, 2022 को निघासन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की दो दलित नाबालिग बहनों का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दोनों किशोरियों के शव गांव के पास गन्ने के खेत के पास एक पेड़ पर लटके पाए गए थे।

लोक अभियोजक ने बताया कि विशेष पॉक्सो अदालत के अपर सत्र एवं जिला न्‍यायाधीश राहुल सिंह ने मुख्‍य आरोपी जुनैद और सुनील उर्फ छोटू को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण), 376 डीए (16 साल से कम उम्र की लड़की से सामूहिक बलात्कार), 302 (हत्या), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए सजा), 452 (घर में घुसपैठ करना), धारा 34 (एक ही इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा आपराधिक कृत्य), धारा 201 (सबूत गायब करना) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था।

उन्होंने कहा कि करीमुद्दीन और आरिफ नाम के दो अन्य आरोपियों को अदालत ने धारा 201 (साक्ष्यों को गायब करना) के तहत दोषी ठहराया था।

उन्होंने बताया कि मामले में हत्या, बलात्कार एवं पॉक्सो अधिनियम तथा अनुसूचित जाति- जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम की कई अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जबकि मामले को सुलझाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

एसआईटी ने अपराध के सिलसिले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से दो नाबालिग पाए गए। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद 28 सितंबर 2022 को विशेष पॉक्सो अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।

सं आनन्‍द

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2023 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).