जरुरी जानकारी | जनवरी-जून में सह-कार्य संचालकों की ओर से कार्यालय स्थल की मांग सात शहरों में 48 प्रतिशत बढ़ी:कोलियर्स

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कॉरपोरेट की ओर से प्रबंधित कार्यस्थलों की बढ़ती के मद्देनजर सह-कार्य केंद्र संचालकों ने इस साल जनवरी-जून की अवधि में सात प्रमुख शहरों में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत अधिक 65 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर लिए। रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 30 जून कॉरपोरेट की ओर से प्रबंधित कार्यस्थलों की बढ़ती के मद्देनजर सह-कार्य केंद्र संचालकों ने इस साल जनवरी-जून की अवधि में सात प्रमुख शहरों में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत अधिक 65 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर लिए। रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स ने यह जानकारी दी।

ये सह-कार्य केंद्र संचालक कार्यालय स्थलों को रियल एस्टेट डेवलपर और संपत्ति मालिकों से पट्टे पर लेकर इन्हें तीसरे पक्ष को किराए (उप-पट्टे) पर देते हैं।

सह-कार्य संचालकों ने 2024 कैलेंडर वर्ष की जनवरी-जून अवधि में सात शहरों दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और बेंगलुरु में 44 लाख वर्ग फुट स्थान पट्टे पर लिया था।

कोलियर्स इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जून 2025 में इन सात शहरों में कार्यालय स्थल की अवशोषण मांग 13 प्रतिशत बढ़कर 337 लाख वर्ग फुट हो गई जो एक साल पहले की अवधि में 299 लाख वर्ग फुट थी।

अवशोषण एक निश्चित अवधि के दौरान वास्तव में उपयोग में लाई गई जगह को दर्शाता है, जिससे बाजार में उपलब्ध खाली जगह (रिक्ति दर) में कमी आती है।

कोलियर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक एवं शोध प्रमुख विमल नादर ने कहा, ‘‘ लचीले (फ्लेक्सिबल) स्थान, भारत के कार्यालय बाजार में मांग के प्रमुख चालक के रूप में तेजी से खुद को स्थापित कर रहे हैं। वर्तमान गति को देखते हुए इनमें 2025 और उसके बाद भारत में वाणिज्यिक अचल संपत्ति की दिशा तय करने की क्षमता नजर आती है।’’

ये ऐसे स्थान हैं जिन्हें विभिन्न आवश्यकताओं और उद्देश्यों के अनुरूप आसानी से बदला या आकार दिया जा सकता है।

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