देश की खबरें | इंदौर में वर्दीधारी एसआई को पीटते हुए वीडियो बनाया गया, जेल कर्मी समेत समेत दो लोग गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंदौर में पुलिस के एक उप निरीक्षक (एसआई) को बंधक बनाकर पीटने के आरोप में जेल विभाग के एक कर्मचारी समेत दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

इंदौर (मध्यप्रदेश), छह फरवरी इंदौर में पुलिस के एक उप निरीक्षक (एसआई) को बंधक बनाकर पीटने के आरोप में जेल विभाग के एक कर्मचारी समेत दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात एसआई को पीटने के दौरान वीडियो भी बनाए। इन वीडियो में वे वर्दीधारी एसआई से उसका नाम पूछकर उससे गाली-गलौज और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि आरोपियों ने एसआई को अपनी महंगी कार में जबरन बैठा रखा है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई, जब एसआई तेलेस्फोर एक्का बाणगंगा थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के गाड़ियों की जांच कर रहे थे और उन्होंने संदिग्ध हालत में घूम रहे आरोपियों की कार को रोका था।

उन्होंने बताया कि इस मामले में विकास डाबी (29) और रवि राठौड़ (25) को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि डाबी अलीराजपुर जिले के जोबट स्थित उप जेल में प्रहरी है और वह छुट्टी के दौरान यहां अपने घर आया था।

दंडोतिया ने बताया कि घटनाक्रम में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान अरविंद और विकास के रूप में हुई है जिनकी तलाश जारी है।

उन्होंने बताया कि सभी चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच, सामने आये एक अन्य वीडियो में मामले में गिरफ्तार दो आरोपी अपने कान पकड़ कर यह कहते हुए माफी मांगते नजर आए कि उनसे गलती हो गई और वे दोबारा यह गलती कभी नहीं करेंगे। उन्होंने यह बात तब कही, जब पुलिस जांच के लिए उन्हें घटनास्थल पर ले जा रही थी।

कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एसआई के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

पटवारी ने पत्र में कहा,‘‘राज्य में अपराधियों और माफियाओं का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम पुलिस पर हमला कर रहे हैं। पुलिसकर्मी स्वयं असुरक्षित महसूस कर रहे हैं जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुलिस-प्रशासन को ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप’’ से मुक्त किया जाए और पुलिस कर्मियों पर हमले के सभी मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

हर्ष

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