देश की खबरें | चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में एनएसए डोभाल ने आतंकवाद का मुकाबला करने का आह्वान किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को पाकिस्तान के समर्थन का परोक्ष उल्लेख करते हुए, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के दौरान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर बल दिया।
नयी दिल्ली, 23 जून सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को पाकिस्तान के समर्थन का परोक्ष उल्लेख करते हुए, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के दौरान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर बल दिया।
डोभाल ने आतंकवाद का मुकाबला करने पर ऐसे वक्त जोर दिया है जब लगभग डेढ़ महीने पहले भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में कई आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया था।
डोभाल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा पर हैं।
डोभाल और वांग ने भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद संबंधों में आए तनाव को दूर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की और लोगों के बीच अधिक से अधिक संपर्क बढ़ाने सहित द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
बयान में कहा गया, ‘‘एनएसए ने क्षेत्र में समग्र शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।’’
इस टिप्पणी को चीन को एक अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि वह अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान पर अपनी धरती से गतिविधियां चला रहे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव डाले।
भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, वांग ने कहा कि चीन-भारत संबंधों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है और यह आवश्यक है कि दोनों पक्ष संवाद को और बढ़ाएं, आपसी विश्वास का निर्माण करें तथा व्यावहारिक मुद्दों को सुलझाने की दिशा में काम करें।
शू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केवल तभी दोनों देशों के लिए फायदेमंद स्थिति हो सकती है जब भारत और चीन मिलकर करेंगे। चीन और भारत को संवेदनशील मुद्दों को उचित तरीके से संभालना चाहिए और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना चाहिए।’’
राजदूत ने कहा, ‘‘डोभाल ने कहा कि भारत बहुपक्षीय क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग मजबूत करने का इच्छुक है और एक सफल शिखर सम्मेलन की मेजबानी में शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता के रूप में चीन की भूमिका का पूर्ण समर्थन करता है।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि डोभाल और वांग ने आपसी हित के अन्य द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
बयान के अनुसार, ‘‘एनएसए ने कहा कि वह विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता के 24वें दौर के लिए पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत में वांग यी के साथ बैठक करने के लिए उत्सुक हैं।’’
चीन एससीओ के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में समूह के सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)