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जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य बढ़ाने, कुछ मंडियों के बंद होने के बीच अधिकांश तेल-तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार द्वारा आयात शुल्क मूल्य में की गई वृद्धि तथा राजस्थान में मंडियों के बंद होने के बीच घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। वहीं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन और पामोलीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।

जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य बढ़ाने, कुछ मंडियों के बंद होने के बीच अधिकांश तेल-तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, एक जुलाई सरकार द्वारा आयात शुल्क मूल्य में की गई वृद्धि तथा राजस्थान में मंडियों के बंद होने के बीच घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। वहीं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन और पामोलीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।

सरकार ने सोमवार की रात खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में बढ़ोतरी करते हुए सीपीओ का आयात शुल्क मूल्य 22 रुपये क्विंटल, पामोलीन का 53 रुपये क्विंटल और सोयाबीन डीगम का 46 रुपये क्विंटल बढ़ाया है। इसके अलावा राजस्थान में एक से पांच जुलाई तक मंडियां बंद होने से भी अधिकांश खाद्य तेल कीमतों में सुधार आया।

शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली सुधार है जबकि मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे गिरावट के साथ बंद हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि कच्ची घानी के बड़ी तेल मिलों की मांग के कारण सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। राजस्थान में मंडियों के पांच जुलाई तक बंद होने से भी तेजी को बल मिला। शुल्क बढ़ाये जाने के कारण सोयाबीन तेल तथा सीपीओ तेल कीमतों में सुधार आया। नमकीन बनाने वाली कंपनियों की मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर, सोयाबीन तिलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे हाजिर दाम होने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्ववत रहे।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली की ग्रीष्मकालीन फसल मंडियों में आने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, कमजोर मांग के कारण सोयाबीन तिलहन तथा सोयाबीन के आसपास भाव होने की वजह से कमजोर मांग के कारण पामोलीन तेल के भाव स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,925-6,975 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,575-5,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,185-2,485 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,550-2,650 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,550-2,685 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,550 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,050-4,150 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2025 08:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).