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जरुरी जानकारी | जाड़े, शादी के सीजन की मांग से खाद्य तेलों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बावजूद शादी-विवाह और जाड़े की मांग बढ़ने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार दिखा। मूंगफली की नई फसल की बाजार में आवक बढ़ने तथा विदेशों में निर्यात मांग बढ़ने के बीच इसके तेल-तिलहनों तथा सीपीओ एवं पामोलीन सहित अन्य की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

जरुरी जानकारी | जाड़े, शादी के सीजन की मांग से खाद्य तेलों में सुधार

नयी दिल्ली, तीन नवंबर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बावजूद शादी-विवाह और जाड़े की मांग बढ़ने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार दिखा। मूंगफली की नई फसल की बाजार में आवक बढ़ने तथा विदेशों में निर्यात मांग बढ़ने के बीच इसके तेल-तिलहनों तथा सीपीओ एवं पामोलीन सहित अन्य की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात लगभग तीन प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था, जो फिलहाल लगभग दो प्रतिशत कमजोर है।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट के रुख के बावजूद देश की मंडियों में मूंगफली की आवक बढ़ने के बीच निर्यात मांग एवं जाड़े की मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।

सूत्रों ने कहा कि पामोलीन तेल का भाव सस्ता होने की वजह से भारत के साथ साथ विदेशों में भी पामतेल की मांग बढ़ी है। चार-पांच माह पूर्व पामोलीन तेल का भाव 2,150 डॉलर प्रति टन हुआ करता था, वह घटकर अब लगभग 1,060 डॉलर प्रति टन रह गया है और इसी कारण इसकी मांग बढ़ी है। इसके अलावा इस बार शादियों की संख्या रिकॉर्ड संख्या में होने जा सकती है, साथ ही जाड़े की और निर्यात मांग बढ़ने के बीच अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया है। इस दौरान हल्के तेलों की मांग काफी बढ़ी है लेकिन इसके बावजूद सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने खाद्य तेल-तिलहनों के संदर्भ में जो स्टॉक रखने की सीमा को खत्म किया है उससे खाद्य तेल उद्योग, किसान और खुदरा व्यापारी खुश हैं। सूत्रों ने कहा कि ठीक इसी तरह का कदम उठाते हुए सरकार को सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के शुल्कमुक्त आयात के लिए 20-20 लाख टन की कोटा व्यवस्था को समाप्त कर देना चाहिये। इससे आयात बढ़ेगा जिससे तेल कीमतें नरम पड़ेंगी। इस काम को जल्द से जल्द करना होगा क्योंकि शादी-विवाह, जाड़े में हल्के तेलों की बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए आयात बढ़ना जरूरी है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,300-7,350 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,875-6,935 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,560-2,820 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,295-2,425 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,365-2,480 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 11,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 10,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,400-5,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,210-5,260 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2022 07:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).