जरुरी जानकारी | सोयाबीन तिलहन, सीपीओ और पामोलीन में सुधार, अन्य के भाव स्थिर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में तेजी के रुख के बीच देश में बुधवार को थोक बाजार में सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती रही जबकि सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल कीमतें पहले के स्तर पर बनी रही।

नयी दिल्ली, 30 अगस्त विदेशों में तेजी के रुख के बीच देश में बुधवार को थोक बाजार में सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती रही जबकि सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल कीमतें पहले के स्तर पर बनी रही।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में भी मजबूती का रुख है।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन के उत्पादक क्षेत्रों में शुष्क मौसम होने और बरसात की अनिश्चितता के संबंध में परिदृश्य स्पष्ट होने तक किसान अपनी फसल रोके हैं और आवक सीमित हो रही है। इस वजह से सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दिखा। दूसरी ओर मलेशिया में भी शुष्क मौसम होने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था, नेफेड के पास जो सरसों रखा है, उसे सरकार को संभाल के रखना होगा ताकि त्योहारों के समय इसका उपयोग किया जा सके। महीने के शुरुआती दिनों में तथा आगामी त्योहारों की मांग बढ़ने के पूरे आसार हैं।

उन्होंने कहा कि सरसों और सूरजमुखी तेल अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक रहे हैं क्योंकि आयातित तेल और देशी तेल तिलहन की कीमतों का अंतर काफी अधिक है।

सूत्रों ने कहा कि आने वाले दिनों में खाद्यतेल की मांग बढ़ सकती है। आयात की क्या स्थिति है, सॉफ्ट आयल (नरम तेल) की विदेशों से कितनी लदान हुई है, देश में आयात की ये खेपें कब तक पहुंचेगी इन सब चीजों का ब्योरा तेल संगठन ‘सोपा’ की तरह ही खाद्यतेल संगठन, साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) को भी सरकार को उपलब्ध कराना चाहिये।

उन्होंने कहा कि सरकार को बंदरगाहों पर सस्ते में बिकने वाले आयातित तेल की पैकिंग करवाकर राशन की दुकानों के साथ साथ बाकी दुकानों पर भी इन सस्ते आयातित तेलों को उपलब्ध कराना चाहिये ताकि उपभोक्ता भी खाद्यतेल की नरमी का लाभ प्राप्त हो सकें।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,620-5,670 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 7,765-7,815 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,710-2,995 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,675 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,775 -1,870 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,775 -1,885 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,025 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,360 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,525 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,130-5,225 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,895-4,990 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

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