जरुरी जानकारी | सरसों में सुधार, सोयाबीन, सीपीओ, पामोलीन तेल तिलहन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सहकारी संस्था नाफेड के पास सरसों के लिए लगातार मांग आने से तथा त्यौहारी मांग के कारण सरसों तेल तिलहन कीमतों में सुधार रहा। वहीं, महाराष्ष्ट्र
नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सहकारी संस्था नाफेड के पास सरसों के लिए लगातार मांग आने से तथा त्यौहारी मांग के कारण सरसों तेल तिलहन कीमतों में सुधार रहा। वहीं, महाराष्ष्ट्र
में भारी बरसात तथा मध्य प्रदेश में अगस्त माह में बरसात की कमी से सोयाबीन फसल को हुए नुकसान के कारण सोयाबीन तेल तिलहन भाव गिरावट दर्शाते बंद हुए।
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बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में दो-दो प़्रतिशत की गिरावट थी। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी गिरावट रही।
सूत्रों ने बताया कि हरियाणा में नाफेड सरसों बिक्री के लिए बुधवार को लगाई गई 5,159 रुपये क्विन्टल की बोली को मंजूर कर लिया है जबकि बाकी 51,111 रुपये की बोलियों को निरस्त कर दिया गया। वहीं, राजस्थान में बुधवार को 5,352 रुपये क्विन्टल की बोली लगाई गई। सरसों बिक्री भाव बढ़ने का असर तेल तिलहन बाजार में सरसों की कीमतों पर हुआ जिससे इनके भाव में सुधार दर्ज हुआ। बाजार के जानकारों की सलाह है कि नाफेड को सरसों के मामले में देखभाल कर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में जहां अगस्त में बरसात कम होने से सोयाबीन फसल 20-30 प्रतिशत प्रभावित हुई वहीं महाराष्ट्र में तीन-चार दिन से जारी बारिश से लगभग 10 स्थानों पर सोयाबीन फसल को 25 से 30 प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है। इन सबके बावजूद वायदा कारोबार में भाव तोड़े जाने से सोयाबीन तेल तिलहनों कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
इंदौर के एनसीडीईएक्स में सोयाबीन नवंबर अनुबंध का भाव बुधवार को 4,205 रुपये क्विन्टल था जो कि बृहस्पतिवार को घटकर 4,130 रुपये क्विन्टल रह गया। इस स्थिति से किसानों की स्थिति काफी खराब है और उन्हें अपनी लागत भी निकालना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट आने और मांग कमजोर होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट रही।
बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।
तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 5,600 - 5,640 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,075- 5,125 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,650 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,910 - 1,960 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 11,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,725 - 1,875 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,845 - 1,955 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,100 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,900 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 9,050 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,000 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,350 रुपये।
पामोलीन कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,075 - 4,100 लूज में 3,945 -- 3,975 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2020 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

