जरुरी जानकारी | सरसों, मूंगफली, सोयाबीन में सुधार, सीपीओ और पामोलीन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नवरात्र शुरु होने के बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में मांग बढ़ने से सरसों दाना एवं तेल, मूंगफली दाना और तेल तथा सोयाबीन दाना और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार आया जबकि मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की गिरावट आने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में हानि दर्ज हुई।
नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर नवरात्र शुरु होने के बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में मांग बढ़ने से सरसों दाना एवं तेल, मूंगफली दाना और तेल तथा सोयाबीन दाना और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार आया जबकि मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की गिरावट आने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में हानि दर्ज हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सोमवार को मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत और शिकागो एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत की गिरावट थी।
उन्होंने कहा कि निर्यात की मांग होने से मूंगफली दाना और तेल कीमतों में सुधार दिखा। उन्होंने कहा कि सोयाबीन उत्पादक किसानों की हालत पतली है क्योंकि मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में अधिक बरसात के कारण लातुर, नांदेड़ जैसी जगहों पर किसानों के सोयाबीन की उपज प्रभावित हुई जिससे किसानों को प्रति उनकी लागत की भी वसूली होना मुश्किल हो रहा है। मध्य प्रदेश में तो ब्लेंडिंग के लिए कांडला से सोयाबीन डीगम लिया जा रहा है। उत्पादन प्रभावित होने से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार आया लेकिन शिकागो एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आने से सोयाबीन डीगम में हानि दर्ज हुई।
बाजार सूत्रों के मुताबिक मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की गिरावट आने और मांग प्रभावित होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। सीपीओ जहां 40 रुपये घटकर 7,850 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ वहीं पामोलीन दिल्ली और कांडला की कीमतें क्रमश: 100 रुपये और 50 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 9,300 रुपये और 8,550 रुपये क्विन्टल पर बंद हुई।
यह भी पढ़े | अरुणाचल प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 179 नए मामले, कुल संख्या 13,348 हुयी.
सूत्रों ने कहा कि सरसों की त्यौहारी मांग है। लेकिन किसान अगली रबी फसलों की बिजाई में लग गये हैं और मंडियों में कम ऊपज ला रहे हैं। इसके अलावा शनिवार को हरियाणा के चौटाला में सहकारी संस्था नाफेड ने 800 टन के लिए जो बोली मांग थी उसमें से 500 टन की बिक्री के लिए बोली मंजूर की है जबकि बाकी 300 टन के लिए सोमवार को बोली मांगी गई जिसके लिए 5,201 रुपये क्विन्टल की बोली प्राप्त हुई है। त्यौहारी मांग और बाजार में कम आवक से सरसों तेज तिलहन कीमतों में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन की फसल को पहुंचे नुकसान के बाद सरसों की मांग है और आगामी सरसों फसल के मौसम में बिजाई का रकबा बढ़ने और उत्पादन बेहतर होने की संभावना बढ़ गई है। इसलिए नाफेड को सोच समझकर कम मात्रा में सरसों की बिकवाली करनी चाहिये क्योंकि अगली फसल आने में पांच से छह महीने की देर होगी।
तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 5,675 - 5,715 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,225- 5,275 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,000 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,965 - 2,015 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 11,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,760 - 1,910 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,880 - 1,990 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,200 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,900 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 9,080 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,850 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,300 रुपये।
पामोलीन कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,220 - 4,245 लूज में 4,090 -- 4,120 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2020 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

