जरुरी जानकारी | आयातित तेलों के महंगा होने से देशी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयात किये जाने वाले सोयाबीन डीगम और पामोलीन तेलों के महंगा होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है जिससे शुक्रवार के दाम के मुकाबले शनिवार को इनकी कीमतों में मामूली सुधार आया जबकि दूसरी ओर सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, चार जून आयात किये जाने वाले सोयाबीन डीगम और पामोलीन तेलों के महंगा होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है जिससे शुक्रवार के दाम के मुकाबले शनिवार को इनकी कीमतों में मामूली सुधार आया जबकि दूसरी ओर सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार सूत्रों ने बताया कि विदेशों में खाद्यतेलों के भाव मजबूत बने हुए हैं। सीपीओ का आयात कर उसका प्रसंस्करण करना महंगा बैठता है। पामोलीन और सोयाबीन डीगम जैसे तेल के आयात में भी नुकसान है। एक तो इन तेलों के दाम महंगे हैं दूसरा आयात के मुकाबले स्थानीय बाजार में इन तेलों के भाव नीचे चल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों तेलों के आयात में करीब पांच रुपये प्रति किग्रा का नुकसान है और इसी वजह से सरसों, मूंगफली और बिनौला जैसे देशी तेलों की मांग बढ़ी है।
सूत्रों ने कहा कि आयातित तेलों के महंगा होने के कारण सरसों पर काफी दबाव हे और सरसों के रिफाइंड बनाकर आयातित तेलों की कमी को पूरा किया जा रहा है। मंडियों में सरसों की आवक भी कम होने लगी है और यह घटकर लगभग साढ़े तीन लाख बोरी रह गई है। यह स्थिति सरसों के लिए अच्छी नहीं है और बरसात के मौस्म में मांग बढ़ने के बाद सरसों की दिक्कत देखने को मिल सकती है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को फुटकर विक्रेताओं के अधिकतम खुदरा मूल्य की निगरानी के लिए एक जांच दल का गठन करना चाहिये ताकि विभिन्न स्थानों पर इनके एमआरपी की निगरानी रखते हुए उचित कार्रवाई की जा सके। इस जांच दल को यह भी देखना होगा कि शुल्कों में छूट का फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है या नहीं।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,440-7,490 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,765 - 6,900 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,020 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,675 - 2,865 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,370-2,450 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,410-2,515 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,710 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 14,400 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,860 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,750-6,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,450- 6,550 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2022 03:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

