देश की खबरें | आईएमए ने सभी प्रकार के मांझों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की अपील की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने ‘पेटा’ की अपील के अनुरूप देश में सभी तरह के मांझों पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है। पेटा ने ‘चीनी मांझे’ और सूती धागों पर शीशे का इस्तेमाल कर बनाए गए मांझे के उपयोग के खिलाफ अपील की है।
नयी दिल्ली, 17 फरवरी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने ‘पेटा’ की अपील के अनुरूप देश में सभी तरह के मांझों पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है। पेटा ने ‘चीनी मांझे’ और सूती धागों पर शीशे का इस्तेमाल कर बनाए गए मांझे के उपयोग के खिलाफ अपील की है।
आईएमए ने मांझे के कारण जन स्वास्थ्य के लिए बढ़ते खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि सभी प्रकार के धारदार मांझों पर प्रतिबंध लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी नीति की जरूरत है।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने 14 फरवरी को भेजे गए पत्र में कहा है, “डॉक्टरों के रूप में, हम यह प्रमाणित कर सकते हैं कि कांच, धातु या किसी अन्य धारदार सामग्री के इस्तेमाल से बने मांझे खतरनाक होते हैं और मनुष्यों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी चोट पहुंचने या मृत्यु का कारण बन सकते हैं।”
आईएमए ने कहा कि चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और त्रिपुरा जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सूती धागे पर कांच, धातु या अन्य धारदार सामग्री के इस्तेमाल से बनी पतंग की डोर सहित सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा)-इंडिया ने मांझे से उत्पन्न खतरों को दूर करने के प्रयास के लिए आईएमए को धन्यवाद दिया।
पेटा-इंडिया के अधिकारी फरहत-उल-ऐन ने कहा, “नायलॉन 'चीनी' मांझे के अलावा कांच के पाउडर और धातु के इस्तेमाल से बनी पतंग की डोर से होने वाले खतरों को दूर करने के प्रयास के लिए हम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आभारी हैं।”
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