भुवनेश्वर, 16 नवंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि केंद्र ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) को विशेषज्ञता के क्षेत्रों से परे जाकर बहु-विषयक संस्थान बनाने की सलाह दी।
प्रधान ने ओडिशा अनुसंधान केंद्र (ओआरसी) के उद्घाटन के मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के जरिये बहु-विषयक शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता दी गई है और आईआईटी और आईआईएम भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन और प्रधान ने संयुक्त रूप से एक कार्यक्रम में केंद्र का उद्घाटन किया।
यह केंद्र कला, संस्कृति, पुरातत्व, ओडिशा के समाजशास्त्र, राजनीतिक प्रक्रिया और राजनीतिक संस्कृति, कृषि, वाणिज्य, व्यापार एवं उद्योग, समकालीन ओडिशा के विकास के रुझान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा तथा भविष्य की प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान करेगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मार्ट शहरों, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण की सुरक्षा, सतत विकास और उन्नत खनिजों पर भी काम करेगा।
केंद्र की स्थापना भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रभाग, शिक्षा मंत्रालय, आईआईएम संबलपुर, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी भुवनेश्वर के सहयोग से की गई है।
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