देश की खबरें | आईआईटी आत्महत्या मामला: विशेष अदालत ने आरोपी छात्र को जमानत दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई की एक विशेष अदालत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बम्बई के छात्र अरमान खत्री को शनिवार को जमानत दे दी, जिसे कथित तौर पर साथी छात्र दर्शन सोलंकी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मुंबई, छह मई मुंबई की एक विशेष अदालत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बम्बई के छात्र अरमान खत्री को शनिवार को जमानत दे दी, जिसे कथित तौर पर साथी छात्र दर्शन सोलंकी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
खत्री के वकील दिनेश गुप्ता ने कहा कि अदालत ने खत्री को 25,000 रुपये नकद जमा करने पर जमानत का निर्देश दिया।
अहमदाबाद के रहने वाले और बीटेक (केमिकल) पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के छात्र सोलंकी की कथित तौर पर सेमेस्टर परीक्षा समाप्त होने के एक दिन बाद 12 फरवरी को उपनगरीय पवई में आईआईटीबी परिसर में एक छात्रावास की इमारत की सातवीं मंजिल से कूदने के बाद मौत हो गई थी।
तीन हफ्ते बाद, मुंबई पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सोलंकी के कमरे से एक लाइन का नोट मिला, जिसमें लिखा था, ‘‘अरमान ने मुझे मारा है।’’
खत्री को 9 अप्रैल को शहर की अपराध शाखा की विशेष जांच टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आत्महत्या और आपराधिक धमकी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, अपनी मौत से दो दिन पहले, सोलंकी ने खत्री के साथ बातचीत में कथित तौर पर एक सांप्रदायिक टिप्पणी की थी, जिसके बाद 19 वर्षीय सोलंकी को धमकी दी गई थी। पुलिस ने दावा किया कि सोलंकी इस घटना से काफी डर गया था और उस रात उसे बुखार भी आया था।
पुलिस के अनुसार, सोलंकी ने टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए खत्री को एक व्हाट्सऐप संदेश भेजा था और कहा था कि वह घर वापस जा रहा है और मुंबई छोड़ रहा है। खत्री ने अपनी जमानत याचिका में कहा कि उसे निशाना बनाया गया और मामले में फंसाया गया।
याचिका में कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि खत्री ने सोलंकी को आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर उकसाया था। इसमें कहा गया है कि सोलंकी के माता-पिता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में खत्री के खिलाफ कभी कोई आरोप नहीं लगाया।
याचिका में कहा गया है कि खत्री एक युवा छात्र है, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और इस तरह की सजा उसके भविष्य को प्रभावित करेगी।
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