देश की खबरें | आईआईआईएम जम्मू ने गठिया से पीड़ित मरीजों के लिए जड़ीबूटी आधारित औषधि विकसित की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटेग्रेटिव मेडिसीन (आईआईआईएम) ने बुधवार को कहा कि उसने गठिया से पीड़ित लोगों के लिए पीड़ा निवारक के तौर पर जड़ीबूटी से एक दवा बनाने का फार्मूला तैयार किया है और यह प्रौद्योगिकी मुंबई की एक फार्मास्युटिकल कंपनी को हस्तांतरित की गई है।

जम्मू, तीन नवंबर जम्मू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटेग्रेटिव मेडिसीन (आईआईआईएम) ने बुधवार को कहा कि उसने गठिया से पीड़ित लोगों के लिए पीड़ा निवारक के तौर पर जड़ीबूटी से एक दवा बनाने का फार्मूला तैयार किया है और यह प्रौद्योगिकी मुंबई की एक फार्मास्युटिकल कंपनी को हस्तांतरित की गई है।

आईआईआईएम, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत कार्य करता है।

संस्थान ने एक बयान में कहा, ‘‘हमनें गठिया के दर्द से राहत दिलाने के लिए बर्जेनिया सिलियाटा से आईआईआईएम-160-एसआर कैप्सूल का फार्मूला तैयार किया है।’’

इसमें कहा गया है कि बर्जेनिया सिलियाटा भारत में एक महत्वपूर्ण जड़ीबूटी है, जो हिमालय पवर्तमाला पर कश्मीर से भूटान तक पाई जाती है।

संस्थान ने कहा कि फार्मूला के लिए भारत, अमेरिका, कनाडा और यूरोप में पेटेंट का आवदेन दिया गया है।

आईआईआईएम निदेशक डी एस रेड्डी ने कहा कि वह बर्जेनिया सिलियाटा आधारित आईआईआईएम-160-एसआर का वीरदीस बायोफार्मा को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण किये जाने से वह खुश हैं और अनुसंधान संस्थान व उद्योग के बीच सार्थक सहयोग की उम्मीद करते हैं।

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