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देश की खबरें | वाहन अगर प्रदूषण नहीं फैलाते तो कोई समय सीमा नहीं होनी चाहिए : दिल्ली की मुख्यमंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दलील दी है कि फिटनेस टेस्ट पास करने वाले और प्रदूषण नहीं फैलाने वाले वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में बिना समय सीमा के चलने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में नियम एक समान होने चाहिए।

देश की खबरें | वाहन अगर प्रदूषण नहीं फैलाते तो कोई समय सीमा नहीं होनी चाहिए : दिल्ली की मुख्यमंत्री

नयी दिल्ली, 26 जुलाई दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दलील दी है कि फिटनेस टेस्ट पास करने वाले और प्रदूषण नहीं फैलाने वाले वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में बिना समय सीमा के चलने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में नियम एक समान होने चाहिए।

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, “प्रदूषण फैलाने वाले वाहन को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना चाहिए, भले ही वह पांच साल पुराना हो। हालांकि, अगर कोई वाहन प्रदूषण नहीं फैलाता है और फिटनेस टेस्ट पास कर लेता है, तो उस पर कोई शर्त नहीं होनी चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने में पिछली सरकारों की विफलता के कारण इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत उनकी सरकार के रुख पर संज्ञान लेगी।

दिल्ली सरकार ने 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

प्रधान न्यायाधीश भूषण आर गवई की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ 28 जुलाई को उस याचिका पर सुनवाई कर सकती है, जिसमें न्यायालय के 29 अक्टूबर, 2018 के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रारंभिक निर्देश को बरकरार रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली में भी वही नियम लागू होने चाहिए जो देश के किसी भी अन्य स्थान पर लागू हैं।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत के समक्ष जनता का दृष्टिकोण प्रस्तुत करना सरकार का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा, “दिल्ली में पिछली सरकारों ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया और लोगों को प्रदूषण का शिकार होने दिया, जिसके कारण उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।”

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 26, 2025 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).