देश की खबरें | यदि मीणा का फोन टैप किया गया है तो भाजपा सरकार ने अपराध किया है: गहलोत

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जयपुर, 13 फरवरी राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैपिंग के आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा।

गहलोत ने कहा कि अनुमति के बिना अगर मीणा का फोन टैप किया गया तो राज्य सरकार ने अपराध किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में जब विपक्ष इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा था तब न तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और न ही गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कोई स्पष्टीकरण दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में फोन टैपिंग की परंपरा नहीं रही है और कानून भी इसकी अनुमति नहीं देता है।

गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा क‍ि कोई भी अधिकारी टेलीफोन टैप नहीं कर सकता है, क्योंकि इसके लिए गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती है और इस बाबत पूरी प्रक्रिया बनी हुई है।

उन्‍होंने कहा, "अगर (किरोड़ी मीणा के) टेलीफोन टैप किया गया है, तो सरकार ने अपराध किया है। इसे स्पष्ट कौन करेगा? हम तो नहीं कर सकते। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम सदन के बाहर बोले हैं, वह सदन में क्यों नहीं बोले? इसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में भी सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगे थे और उन्होंने खुद सदन में स्पष्ट किया था कि किसी भी सांसद या विधायक का फोन टैप नहीं किया गया।

गहलोत ने कहा कि अगर कैबिनेट मंत्री का फोन टैप नहीं किया जा रहा है तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सदन के नेता होने के नाते और गृह विभाग का प्रभार संभालने के नाते विधानसभा में प्रदेश के लोगों को यह स्पष्ट क्यों नहीं करते कि किरोड़ीलाल मीणा का फोन टैप नहीं किया गया है।

गहलोत ने कहा, “टेलीफोन टैप की परंपरा राजस्थान में नहीं। कानून भी किसी का फोन टैप करने की अनुमति (विशेष मामलों को छोड़क) नहीं देता।”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा ने सदन में लगभग दो घंटे लंबा भाषण दिया, लेकिन कैबिनेट मंत्री मीणा द्वारा लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों पर वह एक शब्द भी नहीं बोले।

डोटासरा ने कटाक्ष किया,“मुख्यमंत्री जी वही बात कह सकते हैं,वही काम कर सकते हैं जो पर्ची दिल्ली से आती है, उसके अलावा अपने विजन, अपने विवेक से वह एक शब्द भी नहीं बोल सकते। ये अब प्रमाणित हो गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया,“एक नया चलन और चला है कि अगर सदन में कोई विधायक या प्रतिपक्ष का कोई व्यक्ति सरकार की आलोचना कर देता है तो उसके बाद उसे आयकर विभाग, जीएसटी व ईडी जैसी जांच एजेंसियों के जरिए डराया धमकाया जाता है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर सरकार विपक्ष को डरा-धमका कर भ्रष्टाचार करना चाहती है तो कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।

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