जरुरी जानकारी | आईईएक्स की बिजली व्यापार की मात्रा दूसरी तिमाही में 58 प्रतिशत बढ़कर 25.9 अरब यूनिट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) ने अपने बिजली व्यापार की मात्रा में साल-दर-साल आधार पर 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। सितंबर तिमाही में उसके बिजली के व्यापार की मात्रा बढ़कर 25.9 अरब यूनिट (बीयू) हो गई।
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) ने अपने बिजली व्यापार की मात्रा में साल-दर-साल आधार पर 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। सितंबर तिमाही में उसके बिजली के व्यापार की मात्रा बढ़कर 25.9 अरब यूनिट (बीयू) हो गई।
जुलाई-सितंबर 2020 के दौरान आईईएक्स की बिजली व्यापार की मात्रा 16.5 अरब यूनिट (बीयू) थी।
आईईएक्स ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2021) के दौरान आईईएक्स ने कुल 47.2 बीयू बिजली का कारोबार किया, जबकि एक साल पहले की अवधि में इस कारोबार का आकार 31.4 बीयू था। यह साल-दर-साल एक मजबूत 50.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
आईईएक्स ने कहा कि बिजली बिक्री के आकार में वृद्धि का कारण बिजली की खपत में पर्याप्त वृद्धि के साथ-साथ वितरण कंपनियों द्वारा प्रतिस्पर्धी और लचीले तरीके से अपनी अल्पकालिक आपूर्ति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आईईएक्स को प्राथमिकता देना था।
इसमें कहा गया है कि ‘रियल-टाइम मार्केट’ (आरटीएम) एक्सचेंज पर सबसे तेजी से बढ़ते बिजली बाजार खंडों में से एक रहा, जिसने दूसरी तिमाही के दौरान 5.3 बीयू की मात्रा में कारोबार के साथ 125 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की।
अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन को जारी रखते हुए, आरटीएम ने तिमाही के दौरान कुल मात्रा में 20 प्रतिशत का योगदान दिया।
गैस बाजार के मोर्चे पर, भारतीय गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स) में मात्रा और भागीदारी दोनों में वृद्धि देखी गई। तिमाही के दौरान, आईजीएक्स ने संचयी मात्रा के संदर्भ में लगभग 10 लाख एमएमबीटीयू का कारोबार किया।
इस बीच, आईईएक्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि सितंबर को समाप्त तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा लगभग 75 प्रतिशत बढ़कर 77.38 करोड़ रुपये हो गया जिसका मुख्य कारण अधिक आय होना है।
कंपनी ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 44.33 करोड़ रुपये था।
तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 122.30 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 78.71 करोड़ रुपये थी।
बोर्ड ने रिकॉर्ड तिथि को, शेयरधारकों द्वारा रखे गए प्रत्येक एक रुपये के मौजूदा शेयर के लिए प्रत्येक एक रुपये के दो शेयरों के अनुपात में इक्विटी शेयरों के बोनस निर्गम जारी करने की भी सिफारिश की है।
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