देश की खबरें | आईईडी हमले बड़ा खतरा, इससे निपटने के लिए बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे हैं: सीआरपीएफ महानिदेशक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आईईडी विस्फोटकों से हमले को बड़ा खतरा बताते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कहा कि इससे निपटने के लिए वर्तमान में उपलब्ध सबसे अच्छी तकनीक भी पूर्ण रूप से कारगर नहीं है और सीआरपीएफ इन विस्फोटकों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए बेहतर विकल्प तलाश कर रही है।
नयी दिल्ली, 21 जनवरी आईईडी विस्फोटकों से हमले को बड़ा खतरा बताते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कहा कि इससे निपटने के लिए वर्तमान में उपलब्ध सबसे अच्छी तकनीक भी पूर्ण रूप से कारगर नहीं है और सीआरपीएफ इन विस्फोटकों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए बेहतर विकल्प तलाश कर रही है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “हां, यह एक बड़ा खतरा है। आईईडी विस्फोटकों का पता लगाने के लिए उपकरण मौजूद हैं लेकिन उनमें से कोई भी पूर्ण रूप से कारगर नहीं है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी संगठन प्रयासरत हैं।”
माहेश्वरी से पूछा गया था कि क्या उन्होंने ऐसी किसी तकनीक को अपनाया है जिससे आईईडी विस्फोटकों से प्रभावी रूप से बचा जा सके।
ज्यादातर आईईडी हमले माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए जाते हैं और गत एक दशक में ऐसे हमलों में सीआरपीएफ के सैकड़ों जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सीआरपीएफ ने कहा कि जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देशभर में ऐसे 460 विस्फोटकों का पता लगाया गया है।
वर्ष 2020 में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे 418 विस्फोटक बरामद किए गए।
महानिदेशक ने कहा कि आईईडी हमले सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती हैं और वाम चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों में इसका खतरा और बढ़ जाता है।
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