जरुरी जानकारी | आईडीबीआई बैंक को चौथी तिमाही में 135 करोड़ रुपये का मुनाफा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आईडीबीआई बैंक को बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 135 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। डूबे कर्ज की वसूली होने से बैंक मुनाफे में आ पाया। इससे पिछली 13 लगातार तिमाहियों में बैंक को शुद्ध घाटा हुआ था।
नयी दिल्ली, 30 मई आईडीबीआई बैंक को बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 135 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। डूबे कर्ज की वसूली होने से बैंक मुनाफे में आ पाया। इससे पिछली 13 लगातार तिमाहियों में बैंक को शुद्ध घाटा हुआ था।
आईडीबीआई बैंक की बहुलाश हिस्सेदारी जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 4,918 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 6,925 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 6,616 करोड़ रुपये रही थी।
बैंक ने कहा कि डूबे कर्ज के निपटान से वसूली बढ़ने की वजह से बैंक ने तिमाही के दौरान 1,511 करोड़ रुपये वापस बही खाते में दर्ज किए गये। वहीं पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक को 7,233 करोड़ रुपये का प्रावधान करना पड़ा था। बैंक ने तिमाही के दौरान 247 करोड़ रुपये का कोविड-19 से संबंधित प्रावधान किया।
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तिमाही के दौरान बैंक का सकल गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) का अनुपात बढ़कर 27.53 प्रतिशत हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 27.47 प्रतिशत था। वहीं शुद्ध एनपीए घटकर 4.19 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 10.11 प्रतिशत था। बैंक ने मार्च तिमाही में बासेल-तीन अनुकूल टियर-2 बांडों से 745 करोड़ रुपये जुटाए।
चौथी तिमाही में मुनाफे के बावजूद पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक को 12,887 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष में बैंक को 15,116 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। वित्त वर्ष के दौरान बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन सुधरकर 2.61 प्रतिशत हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 2.03 प्रतिशत था।
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