जरुरी जानकारी | आई2यू2 सम्मेलन: भारत में एकीकृत फूड पार्कों पर दो अरब डॉलर का निवेश करेगा यूएई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. चार देशों के समूह ‘आई2यू2’ के पहले शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत में कई जगहों पर ‘एकीकृत फूड पार्क’ की स्थापना के लिए दो अरब डॉलर का निवेश करने और गुजरात में 300 मेगावॉट क्षमता वाली हाइब्रिड नवीकरणीय परियोजना स्थापित करने की घोषणा की।
नयी दिल्ली, 14 जुलाई चार देशों के समूह ‘आई2यू2’ के पहले शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत में कई जगहों पर ‘एकीकृत फूड पार्क’ की स्थापना के लिए दो अरब डॉलर का निवेश करने और गुजरात में 300 मेगावॉट क्षमता वाली हाइब्रिड नवीकरणीय परियोजना स्थापित करने की घोषणा की।
भारत, इजराइल, अमेरिका और यूएई के शासनाध्यक्षों ने इस नवगठित समूह के पहले शिखर सम्मेलन में शिरकत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, इजराइली प्रधानमंत्री यायर लापिड और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जाएद अल नहयान की ऑनलाइन बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई।
चार देशों के नए समूह को ‘आई2यू2’ नाम दिया गया है जिसमें ‘आई’ भारत (इंडिया) तथा इजरायल के लिए तथा ‘यू’ अमेरिका (यूएस) और यूएई के लिए है।
चारों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यूएई भारत भर में एकीकृत फूड पार्कों के विकास पर दो अरब डॉलर का निवेश करेगा। इन फूड पार्कों में खाद्य अपशिष्ट घटाने के लिए अत्याधुनिक जलवायु-सक्षम प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल के अलावा ताजा पानी के संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों पर जोर रहेगा।
बाइडन ने कहा कि यूएई भारत में एकीकृत फूड पार्कों की स्थापना अमेरिका एवं इजराइल के निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की मदद से करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन फूड पार्कों के बनने से भारत के अपना खाद्य उत्पादन सिर्फ पांच साल में ही तीन गुना करने की संभावना है।
इसके अलावा गुजरात में 300 मेगावॉट क्षमता वाली हाइब्रिड परियोजना स्थापित करने का भी जिक्र इस संयुक्त बयान में किया गया। इस परियोजना में पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा के मिश्रित उत्पादन के साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी लगाई जाएगी।
इस परियोजना के व्यवहार्यता अध्ययन के लिए अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी ने 33 करोड़ डॉलर का कोष मुहैया कराया था। यूएई की कंपनियां अब इसमें ज्ञान एवं निवेश साझेदार के तौर पर अवसर तलाश रही हैं।
आई2यू2 के नेताओं की इस बैठक का मुख्य मुद्दा 'खाद्य सुरक्षा संकट और स्वच्छ ऊर्जा' था। उन्होंने दीर्घकालिक एवं अधिक विविधतापूर्ण खाद्य उत्पादन एवं खाद्य आपूर्ति प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए नवोन्मेषी उपायों पर चर्चा की।
समूह ने कहा, ‘‘भारत परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाएगा और फूड पार्क से किसानों को जोड़ने का काम करेगा। अमेरिका और इजराइल से निजी क्षेत्रों को आमंत्रित किया जाएगा और उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा। वे परियोजना की कुल वहनीयता में योगदान देते हुए नवोन्मेषी समाधानों की पेशकश भी करेंगे।’’
इसमें कहा गया कि निवेश से फसल उपज अधिक से अधिक होगी और इससे दक्षिण एशिया एवं पश्चिम एशिया में खाद्य असुरक्षा से निपटा जा सकेगा।
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