विदेश की खबरें | मैंने ‘वैगनर’ के सैनिकों को एक यूनिट के रूप में काम करने का विकल्प दिया था: पुतिन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने कहा कि पिछले महीने समूह ने विद्रोह करने के पांच दिन बाद उनसे मुलाकात की थी और उस दौरान उन्होंने यह विकल्प दिया था।

पुतिन ने समाचार पत्र ‘कोमर्सेंट’ को 29 जून को हुए अपने उस कार्यक्रम के बारे में बताया जिसमें सैन्य समूह ‘वैगनर’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन सहित वैगनर के 35 कमांडर ने भाग लिया था।

पुतिन ने बताया कि उन्होंने उनसे यूक्रेन में उनकी कार्रवाई और उनके विद्रोह के बारे में बात की थी और उन्हें भविष्य की सेवा के लिए विभिन्न विकल्पों की पेशकश की थी।

उन्होंने कहा कि वे सभी एक जगह एकत्रित होकर अपनी सेवा दे सकते हैं।

पुतिन ने पहले कहा था कि ‘वैगनर’ सैनिकों को यह तय करना होगा कि वे रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करें, पड़ोसी देश बेलारूस चले जाएं या सेवानिवृत्त हो जाएं।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपना प्रस्ताव रखा था तो ‘‘कई लोगों ने इस संबंध में सहमति जताई थी’’ लेकिन प्रिगोझिन ने इस विचार को खारिज कर दिया था और कहा था कि ‘‘सैनिक इस तरह के फैसले से सहमत नहीं होंगे।’’

पुतिन ने कहा है कि निजी सैन्य समूह ‘वैगनर’ कानूनी इकाई के रूप में अस्तित्व में ही नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘निजी सैन्य संगठनों के संबंध में कोई कानून नहीं है। इसका अस्तित्व ही नहीं है।’’

वैगनर के सैनिकों ने 23 और 24 जून को 24 घंटे से भी कम समय तक विद्रोह किया था और इस दौरान वे दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में घुस गये थे और वहां सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया था।

रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि वैगनर सैनिक रूसी सेना को अपने हथियार सौंपने में लगे हैं।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)