मुझे चिंता है कि नीतीश सरकार से प्रवासी श्रमिकों का विश्वास नहीं उठ जाए : चिराग

चिराग ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में कहा ''श्रमिकों में जितना आक्रोश दिख रहा है, मुझे यह चिंता है कि कहीं इनका बिहार सरकार से विश्वास तो नहीं उठता जा रहा है। मैं चाहूंगा कि श्रमिकों का हमारी सरकार और हमारे मुख्यमंत्री पर भरोसा कायम हो। इसलिए बार—बार कह रहा हूं कि संवाद हो ताकि उन्हें लगे कि हमारी सरकार उनके साथ है।''

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पटना, 13 मई बिहार में सत्ताधारी राजग में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी :लोजपा: के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने बुधवार को कहा कि उन्हें चिंता है कि कहीं प्रवासी श्रमिकों का बिहार सरकार से विश्वास तो नहीं उठता जा रहा है।

चिराग ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में कहा ''श्रमिकों में जितना आक्रोश दिख रहा है, मुझे यह चिंता है कि कहीं इनका बिहार सरकार से विश्वास तो नहीं उठता जा रहा है। मैं चाहूंगा कि श्रमिकों का हमारी सरकार और हमारे मुख्यमंत्री पर भरोसा कायम हो। इसलिए बार—बार कह रहा हूं कि संवाद हो ताकि उन्हें लगे कि हमारी सरकार उनके साथ है।''

चिराग ने कहा कि ''श्रमिकों का पंजीकरण एक बड़ी समस्या है। बिहार सरकार ने जो हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, उस पर बातचीत नहीं हो पा रही है।''

उन्होंने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाई जाए।

लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में फंसे बिहार के श्रमिकों की समस्या को लेकर चिराग ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह उन्हें वापस लाया जाए।

उन्होंने कहा कि पहले दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए नीति नहीं होने की दुहाई दी गई पर अब केंद्र सरकार ने नीति बना दी है। कम से कम राजमार्गों पर फंसे मजदूरों को लाया जाए।

चिराग ने कहा कि उनकी रेल मंत्री से बात हुई है। उन्होंने कहा है कि जितनी ट्रेनें मांगी जाएंगी, उपलब्ध कराई जाएंगी। यह बिहार सरकार का काम है।

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फंसे श्रमिकों से सीधा संवाद करना चाहिए।

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