सूरत (गुजरात), एक मई मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा के सैकड़ों प्रवासी कामगारों ने सूरत से अपने घर लौटने के लिए यात्रा शुरू कर दी है। हालांकि, यहां अन्य राज्यों के लोगों को अभी कुछ इंतजार करना पड़ेगा।
कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद से शहर में फंसे एवं अपने-अपने राज्य लौटना चाह रहे कामगारों के हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले हैं।
प्रशासन ने अब मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा के कामगारों को यहां से जाने की इजाजत दे दी है।
नगर पुलिस आयुक्त आर बी ब्रह्मभट्ट ने बताया कि तीन जांच चौकियों पर पहुंच कर इजाजत पाने के बाद बृहस्पतिवार से इन राज्यों के सैकड़ों प्रवासी कामगार सूरत से रवाना हुए हैं।
उन्होंने बताया, ‘‘अब तक, सैकड़ों कामगार निजी वाहनों में अपने-अपने घरों के लिये रवाना हुए हैं। आज जांच चौकियों से कई बसें रवाना हुई।’’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को 30 निजी बसें फंसे हुए कामगारों और उनके परिवार के लोगों को लेकर रवाना हुई।
सूरत प्रशासन ने प्रवासी कामगारों को शहर से जाने के लिये ऑनलाइन आवेदन करने के बजाय तीन जांच चौकियों में से किसी पर भी आवश्यक कागजात के साथ पहुंचने को कहा है।
सूरत के जिलाधिकारी धवल पटेल ने कहा, ओडिशा, मप्र और राजस्थान के लोग निजी वाहनों और बसों से अपने घर लौट सकते हैं। उन्हें चौकियों पर अपना और वाहन का ब्योरा देने की जरूरत होगी।’’
पटेल ने कहा, ‘‘ अन्य राज्यों के प्रवासी कामगारों को कुछ वक्त तक इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि हम उन राज्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं।’’
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