देश की खबरें | कोलकाता में मानवाधिकार संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार द्वारा कुछ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ कई वामपंथी और मानवाधिकार संगठनों ने मंगलवार को कोलकाता में प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने के लिए एनआईए का इस्तेमाल कर रही है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 22 सितंबर केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार द्वारा कुछ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ कई वामपंथी और मानवाधिकार संगठनों ने मंगलवार को कोलकाता में प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने के लिए एनआईए का इस्तेमाल कर रही है।

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (एपीडीआर), हॉकर संग्राम समिति, बंदी मुक्ति समिति, आइसा और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर के मध्य भाग में स्थित बहू बाजार में प्रदर्शन किया।

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एपीडीआर के सुजातो भद्र ने कहा कि दिल्ली दंगों के सिलसिले में यूएपीए के तहत कार्यकर्ता उमर खालिद को गिरफ्तार किया गया, जबकि कथित रूप से भड़काऊ बयान देने वाले कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यही बात 2018 भीमा-कोरेगांव मामले में भी हो रही है जहां एनआईए वरवर राव जैसे केवल सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों पर नकेल कस रही है और उनके दोस्तों और परिवारों को परेशान कर रही है।

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भद्र ने कहा, ‘‘एनआईए ने भीमा कोरेगांव की घटना के संबंध में प्रख्यात आईआईएसईआर-कोलकाता के प्रोफेसर पार्थ सारथी रे को तलब किया है, हालांकि वह हिंसा के दौरान घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। हमें लगता है कि विभिन्न मुद्दों पर रे का केंद्र विरोधी रुख इस उत्पीड़न के पीछे का असली कारण है।’’

बंदी मुक्ति समिति के एक कार्यकर्ता ने कहा कि पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज (पीसीएपीए) के पूर्व संयोजक छत्रधर महतो जैसे राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए एनआईए का इस्तेमाल किया गया।

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