विदेश की खबरें | हिंदू विधवाएं पति की संपत्ति की हकदार: बांग्लादेश की अदालत
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ढाका, तीन सितंबर बांग्लादेश की एक शीर्ष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विधवा हिंदू महिलाएं अपने दिवंगत पति की कृषि भूमि और गैर-कृषि भूमि की हकदार हैं। अदालत के इस फैसले के साथ ही उनका अपने पति की संपत्ति पर अधिकार का रास्ता साफ हो गया है।
'डेली स्टार' की खबर के अनुसार बांग्लादेश हाई कोर्ट ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि कृषि भूमि और गैर-कृषि भूमि में कोई फर्क नहीं किया जा सकता। इसलिये हिंदू विधवाएं अपने पति की जमीनों की हकदार हैं।
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मौजूदा कानून के अनुसार देश की हिंदू विधवाएं घर की जमीन की हकदार हैं और कृषि भूमि जैसी अन्य संपत्तियों पर उनका अधिकार नहीं है।
खबर में कहा गया है, ''हिंदू विधवाओं का अपने पति की कृषि और गैर-कृषि दोनों जमीनों पर अधिकार होगा। उन्हें अपने जीवनकाल में उस संपत्ति को बेचने का भी अधिकार होगा। ''
हाईकोर्ट ने यह फैसला निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर खुलना के निवासी ज्योतिंद्रनाथ मंडल की याचिका पर सुनाया है।
खुलना के संयुक्त जिला न्यायाधीश ने 7 मार्च 2004 को ज्योतिंद्रनाथ द्वारा दायर मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि ज्योतिंद्रनाथ के बड़े भाई अभिमन्यु मंडल की विधवा गौरी दासी को अपने दिवंगत पति की कृषि भूमि पर अधिकार है। इस फैसले के खिलाफ ज्योतिंद्रनाथ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
वह भूमि गौरी के पति के नाम पर दर्ज है, जिनकी 1996 में मौत हो चुकी है।
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