देश की खबरें | उच्च स्तरीय खोज समिति ने लोकपाल अध्यक्ष और सदस्यों के पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे

नयी दिल्ली, छह सितंबर भ्रष्टाचार विरोधी शीर्ष संस्था लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए एक उच्च स्तरीय खोज समिति ने आवेदन मांगे हैं। पिछले साल मई महीने से लोकपाल के अध्यक्ष का पद रिक्त है।

लोकपाल के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार मोहंती वर्तमान में इसके कार्यवाहक अध्यक्ष हैं।

लोकपाल का नेतृत्व एक अध्यक्ष करता है और इसमें आठ सदस्य (चार न्यायिक और शेष गैर-न्यायिक) हो सकते हैं। वर्तमान में लोकपाल केवल पांच सदस्यों के साथ काम कर रहा है। इसमें दो न्यायिक और एक गैर-न्यायिक पद रिक्त हैं।

पिछले साल 27 मई को न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष का कार्यकाल पूरा होने के बाद से लोकपाल अपने नियमित प्रमुख के बिना काम कर रहा है।

केंद्र ने पिछले महीने भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल के प्रमुख और सदस्यों की सिफारिश करने के लिए 10 सदस्यीय खोज समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

खोज समिति द्वारा जारी एक विज्ञापन में कहा गया है, ‘‘लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर नियुक्ति के लिए लोकपाल की चयन समिति द्वारा विचार के लिए एक समिति की सिफारिश के उद्देश्य से पात्र व्यक्तियों से आवेदन/नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं।’’

इसमें कहा गया है कि योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन या नामांकन, निर्धारित प्रपत्र में पूरी तरह से भरकर 28 सितंबर, 2023 शाम पांच बजे तक पहुंच जाने चाहिए।

विज्ञापन में कहा गया है कि अंतिम तिथि और निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

लोकपाल प्रमुख और उसके सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति की सिफारिशों पर की जाती है। इस समिति में लोकसभा अध्यक्ष, निचले सदन में विपक्ष के नेता, प्रधान न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित एक न्यायाधीश, और चयन समिति के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा अनुशंसित एक प्रतिष्ठित न्यायविद् शामिल होते हैं

लोकपाल अधिनियम कहता है कि चयन समिति लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों का चयन करने और ऐसी नियुक्ति के लिए विचार किए जाने वाले व्यक्तियों का एक समिति तैयार करने के उद्देश्य से एक खोज समिति का गठन करेगी जिसमें कम से कम सात प्रतिष्ठित व्यक्ति और भ्रष्टाचार विरोधी नीति, सार्वजनिक प्रशासन, सतर्कता, नीति-निर्माण, बीमा और बैंकिंग सहित वित्त, कानून एवं प्रबंधन से संबंधित मामले में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्ति शामिल होंगे।

अधिनियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो प्रधान न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या ‘प्रतिष्ठित व्यक्ति’ है या रहा है अर्थात त्रुटिहीन सत्यनिष्ठा और उत्कृष्ट क्षमता वाला व्यक्ति जिसके पास भ्रष्टाचार विरोधी नीति, सार्वजनिक प्रशासन, सतर्कता, बीमा और बैंकिंग और कानून एवं प्रबंधन सहित वित्त से संबंधित मामलों में कम से कम 25 वर्षों का विशेष ज्ञान और विशेषज्ञता हो, वह लोकपाल के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हैं।

कोई भी व्यक्ति जो ‘सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रहा है’ या ‘उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश है या रहा है’, वह लोकपाल के न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र है।

भ्रष्टाचार विरोधी नीति, सार्वजनिक प्रशासन, सतर्कता, बीमा और बैंकिंग और कानून एवं प्रबंधन सहित वित्त से संबंधित मामलों में कम से कम 25 वर्षों के विशेष ज्ञान और विशेषज्ञता के साथ ‘त्रुटिहीन सत्यनिष्ठा और उत्कृष्ट क्षमता’ वाला कोई भी व्यक्ति एक गैर-न्यायिक लोकपाल सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र है।

विज्ञापन में यह निर्धारित किया गया है कि नामांकित आवेदक की आयु लोकपाल के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में कार्यभार संभालने की तिथि पर 45 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

इसमें कहा गया है कि लोकपाल का अध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य अपने कार्यालय में प्रवेश करने की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए या जब तक वह 75 वर्ष का नहीं हो जाता, जो भी पहले हो, पद पर बना रहेगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)