देश की खबरें | महामारी के दौरान उच्च न्यायालयों, जिला अदालतों ने ऑनलाइन माध्यम से 25 लाख सुनवाई कीं: प्रसाद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण काम नहीं रुका।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 25 नवंबर विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण काम नहीं रुका।

उन्होंने कहा कि देश में काम नहीं रुके, इसके लिए सरकार ने ‘घर से काम करने’ के नियमों में छूट दी।

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प्रसाद ने कहा कि वैश्विक महामारी के बावजूद 85 प्रतिशत काम जारी रहा।

प्रसाद ने एक डिजिटल समारोह में कहा, ‘‘डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र ने इंटरनेट, मोबाइल फोन और अन्य आईटी संबंधी मंचों के जरिए दुनिया की एकसाथ कदमताल को जारी रखा।’’

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उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर में लोगों का स्वास्थ्य, जीवन और सुरक्षा प्रभावित हुई, लेकिन इसने कई अवसर भी दिए।

प्रसाद ने कहा कि इस महामारी ने ऐसी कई चुनौतियां पैदा कीं, जिनके कानूनी समाधान की आवश्यकता थी।

मंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालयों और जिला अदालतों ने देश में वैश्विक महामारी के दौरान डिजिटल माध्यम से करीब 25 लाख सुनवाई कीं और उच्चतम न्यायालय ने करीब 10,000 सुनवाई ऑनलाइन कीं।

भारत में 25 उच्च न्यायालय और करीब 19,000 जिला अदालतें हैं।

प्रसाद ने बताया कि सात शहरों में डिजिटल अदालतें शुरू की गई और करीब 25 लाख मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें अधिकतर यातायात उल्लंघन के मामले थे।

उन्होंने बताया कि यातायात संबंधी मामलों में 115 करोड़ रुपए जुर्माने के रूप में एकत्र किए गए।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्रालयों का भी प्रभार संभाल रहे प्रसाद ने कहा, ‘‘हम बहुत मजबूत डेटा सुरक्षा कानून बनाने जा रहे हैं, जिसमें व्यक्ति के डेटा पर नियंत्रण के संबंध में उसकी निजता का विशेष ध्यान रखा जाएगा और उसकी मर्जी के बिना कुछ भी साझा न किया जा सके।’’

उन्होंने भारत में कानून संबंधी शिक्षा के बारे में कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्रों को वैश्विक सोच रखने और स्थानीय मामलों से जुड़े रहना सिखाया जाए।

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