देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से कोविड-19 जैवचिकित्सीय अपशिष्ट के निस्तारण पर स्पष्टीकरण मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या वह यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना वायरस संबंधित जैवचिकित्सीय अपशिष्ट का सुरक्षित तरीके से निस्तारण हो।
मुम्बई, एक जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या वह यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना वायरस संबंधित जैवचिकित्सीय अपशिष्ट का सुरक्षित तरीके से निस्तारण हो।
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर गुप्ता की अगुवाई वाली पीठ ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार, ठाणे जिले के कल्याण डोम्बिवली नगर निगम (केडीएमसी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया।
अदालत ने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए अधिकारियों से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा जिसमें दावा किया गया है कि कल्याण में अस्पतालों और प्रयोगशालाओं से निकलने रहे अशोधित कोविड-19 जैवचिकित्सीय अपशिष्ट को सभी केंद्रीय अपशिष्ट निस्तारण दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए आधारवाड़ी डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है।
डोम्बिवली के बाशिंदे किशोर सोहोनी ने अपनी वकील साधना कुमार के माध्यम से यह याचिका दायर की है जिसके अनुसार जैवचिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली में अस्पतालों से निकलने वाले ऐसे सभी अपशिष्टों का निस्तारण से पहले शोधन अनिवार्य किया गया है।
इस अर्जी में अदालत से केडीएमसी केा यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि आधारवाडी डंपिंग ग्राउंड पर अशोधित कोविड-19 जैवचिकित्सीय अपशिष्ट फेंकने पर तत्काल रोक लगे।
उसमें अदालत से यह भी दरख्वास्त किया गया है कि वह राज्य सरकार को महाराष्ट्र में कोविड-19 के जैवचिकित्सीय अपशिष्ट के निस्तारण के बारे में बयान जारी करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश दे कि दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
अदालत ने अधिकारियों को इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 जुलाई से पहले जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)