देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने ट्राई के नए टैरिफ आदेश के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बम्बई उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नए टैरिफ आदेश के खिलाफ टेलीविजन प्रसारकों द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 12 अगस्त बम्बई उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नए टैरिफ आदेश के खिलाफ टेलीविजन प्रसारकों द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

न्यायमूर्ति अमजद सईद और अनुजा प्रभुदेसाई की पीठ इस पर संभवत: 24 अगस्त को अपना फैसला सुना सकती है।

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बुधवार को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के लिए पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को एक मौखिक आश्वासन दिया कि ट्राई 25 अगस्त तक अपने नए टैरिफ आदेश के क्रियान्वयन को टाल देगा और तब तक प्रसारकों के खिलाफ कोई भी कठोर कदम नहीं उठाएगा।

ट्राई द्वारा जारी 24 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसमें उनसे उनके नए टैरिफ आदेश को लागू करने के लिए कहा गया है।

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नया टैरिफ आदेश इस साल जनवरी में जारी किया गया था। आदेश में शुल्कों को कम करने और भुगतान वाले चैनलों के लिए सदस्यता शुल्क को निर्धारित किये जाने के साथ कई अन्य चीजें तय की गई थीं।

प्रसारणकर्ताओं ने नए टैरिफों को चुनौती देते हुए कहा कि संशोधित नियम मनमाना और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

न्यायमूर्ति सईद की अगुवाई वाली पीठ ने इस साल फरवरी और मार्च के बीच याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई की और आदेश सुरक्षित रखा। तब अदालत ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया था।

24 जुलाई को, ट्राई ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें प्रसारकों को चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने नए टैरिफ आदेश को लागू नहीं किया, तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रसारकों ने तब अधिसूचना को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया कि चूंकि मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है, इसलिए नियामक संस्था उन्हें टैरिफ प्लान को लागू करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है।

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