देश की खबरें | बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को उच्च न्यायालय ने जमानत देने से किया इनकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने ढाई साल की एक बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, आरोपी की यह दलील भी अदालत ने खारिज कर दी कि पीड़िता ने जिरह के दौरान अपने मामले का समर्थन नहीं किया और उसका पिता सुनवाई के दौरान गवाह के रूप में मुकर गया।
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने ढाई साल की एक बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, आरोपी की यह दलील भी अदालत ने खारिज कर दी कि पीड़िता ने जिरह के दौरान अपने मामले का समर्थन नहीं किया और उसका पिता सुनवाई के दौरान गवाह के रूप में मुकर गया।
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने कहा कि मुकर गये गवाहों की गवाही की पूरी तरह से उपेक्षा नहीं की जा सकती और यहां तक कि इस समय बयान (गवाही) का गहराई से विश्लेषण नहीं किया जा सकता।
न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता, जो घटना के वक्त तीन साल की भी नहीं रही होगी, ने अदालत में पहले बयान के दौरान अभियोजन के मामले का समर्थन किया और याचिकाकर्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये थे। वहीं, जिरह सात महीने के अंतराल के बाद हुई और इसलिए कुछ निरंतरता नहीं रही होगी, जिसके प्रभाव का विश्लेषण इस समय नहीं किया जा सकता।
अदालत ने 26 अप्रैल को अपने आदेश में कहा, ‘‘यदि पीड़िता ने जिरह के दौरान अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं भी किया था और पीड़िता के पिता गवाह के रूप में मुकर गये, तो भी मुकर चुके गवाह के बयान (गवाही) की पूरी तरह से उपेक्षा नहीं की जा सकती और यहां तक कि यह समय पीड़िता एवं उसके माता-पिता की गवाही का गहराई का विश्लेषण करने का नहीं है। ’’
अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट पीड़िता के गुप्तांग में चोटों की मौजूदगी बलात्कार का संकेत देती है और याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता, जो उनका मित्र था, ने उनकी बच्ची यौन उत्पीड़न किया, जब वे एक रात उसके घर पर सो रहे थे।
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