देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने यूनिटेक के प्रवर्तक अजय चंद्रा की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रवर्तक अजय चंद्रा को दी गयी एक महीने की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने कोविड-19 से संक्रमित हुईं अपनी पत्नी के अस्वस्थ होने के मद्देनजर जमानत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रवर्तक अजय चंद्रा को दी गयी एक महीने की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। चंद्रा ने कोविड-19 से संक्रमित हुईं अपनी पत्नी के अस्वस्थ होने के मद्देनजर जमानत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था।

उच्च न्यायालय ने उल्लेख किया कि मामला उच्चतम न्यायालय में है और अंतरिम जमानत अवधि को बढ़ाने का कोई आधार नहीं है।

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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने याचिकाकर्ता (चंद्रा) को इस आधार पर अंतरिम जमानत प्रदान की थी कि उनकी पत्नी कोविड-19 से संक्रमित थीं। वह एक महीने से अंतरिम जमानत पर थे। उच्चतम न्यायालय में भी मामले पर सुनवाई चल रही है इसलिए जमानत की अवधि बढ़ाने का कोई कारण नहीं है। ’’

एक निचली अदालत ने 24 अक्टूबर को चंद्रा को कोविड-19 से संक्रमित उनकी पत्नी की बीमारी के आधार पर चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी थी। बाद में अदालत ने जमानत की अवधि 26 नवंबर तक बढ़ा दी थी।

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चंद्रा अगस्त 2017 से ही जेल में थे। उन्होंने इस आधार पर जमानत अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया कि उनकी पत्नी की स्थिति ठीक नहीं है, उनके माता-पिता भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और ऐसे में घर पर उनकी पत्नी की देखभाल करने वाला कोई नहीं है ।

चंद्रा के वकील ने उच्चतम न्यायालय के 29 अक्टूबर के आदेश का हवाला दिया जिसमें उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी। उच्च न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर रिहा किए गए विचाराधीन कैदियों को चरणबद्ध तरीके से समर्पण के लिए कहा था।

वकील ने कहा कि मामला अब दो दिसंबर को सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय के सामने सूचीबद्ध है और तब तक अन्य विचाराधीन कैदियों को राहत प्रदान की गयी है ।

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