देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने गाजीपुर लैंडफिल में आग पर चिंता जताई, अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी
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नयी दिल्ली, 13 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग की हालिया घटनाओं को लेकर बुधवार को चिंता व्यक्त की और केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और अन्य संबंधित प्राधिकारों से आग लगने के कारणों पर स्थिति रिपोर्ट मांगी।
अदालत ने अधिकारियों से यह भी बताने को कहा कि आग से कैसे निपटा गया और भविष्य में इससे बचने के लिए वे क्या करने वाले हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए मई में सूचीबद्ध किया।
पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों को स्थिति रिपोर्ट और आग लगने के कारणों का खुलासा करने वाली कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए गए और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इस बारे में किए जाने वाले उपायों को लेकर भी अवगत कराया जाए।’’
अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर 2015 के स्वतः संज्ञान लिए गए मामले में यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि लैंडफिल साइट पर रखा गया खतरनाक कचरा आग में जल गया और इसके परिणामस्वरूप गंभीर वायु प्रदूषण हुआ।
पीठ ने कहा, ‘‘हम पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने की घटना से चिंतित हैं। साइट पर 28 मार्च और नौ अप्रैल को आग लग गई, जिससे वहां पर फेंका गया खतरनाक कचरा जल गया। इस वजह से भारी धुआं पैदा हुआ, जिससे गंभीर वायु प्रदूषण हुआ।’’
गाजीपुर लैंडफिल साइट पर 28 मार्च को इसी तरह की घटना के लगभग दो सप्ताह बाद नौ अप्रैल को आग लग गई थी। दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने कहा था कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। साइट पर 28 मार्च की आग के बाद पूर्वी दिल्ली के डंपिंग यार्ड में धुएं की एक मोटी चादर छा गई थी।
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