देश की खबरें | अहमदाबाद से हज पर जाने संबंधी शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्च न्यायालय का नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात उच्च न्यायालय ने इस साल यहां से हज पर जा रहे यात्रियों से ‘भारी-भरकम’ धनराशि वसूले जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर मंगलवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा केंद्र एवं राज्य की हज समितियों को नोटिस जारी किया।

अहमदाबाद, 30 मई गुजरात उच्च न्यायालय ने इस साल यहां से हज पर जा रहे यात्रियों से ‘भारी-भरकम’ धनराशि वसूले जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर मंगलवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा केंद्र एवं राज्य की हज समितियों को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति एस वी पिंटो ने चार हज यात्रियों की याचिका पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (हज डिवीजन), भारतीय हज समिति और गुजरात राज्य हज समिति को नोटिस जारी कर दो जून तक जवाब मांगा है। ये चारों लोग यहां से हज पर जाने वाले हैं।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा कि प्रतिवादी अहमदाबाद के हज यात्रियों से अत्यधिक धनराशि वसूल रहे हैं तथा सऊदी अरब की विनिमय मुद्रा भी नहीं दे रहे हैं तथा यह नहीं बता रहे हैं कि किस-किस मद के लिए कितने रुपये लिये गये हैं।

उन्होंने दावा किया कि छह मई के एक परिपत्र के अनुसार मुंबई के बजाय जो हजयात्री अहमदाबाद से यात्रा पर जाना चाह रहे हैं, उनसे अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि सऊदी अरब से दोनों ही महानगर समान दूरी पर हैं।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रतिवादी उन्हें 2100 रियाल (सऊदी मुद्रा) भी नहीं दे रहे हैं और यह भी नहीं बता रहे हैं कि किस-किस मद के लिए कितने रुपये लिये गये हैं।

भारतीय हज समिति ने हज पर जाने के इच्छुक लोगों से आवेदन आमंत्रित किये हैं। हजयात्रियों की संख्या सऊदी अरब की सरकार ने तय कर रखी है।

श्रद्धालुओं को हज समिति में पैसा जमा करना होता है, जिसमें आने और जाने का किराया, वहां ठहरने का किराये और अन्य खर्च शामिल होते हैं।

श्रद्धालुओं को सऊदी अरब में ठहरने के दौरान भोजन एवं अन्य जरूरतों की खातिर 2100 सऊदी रियाल दिये जाते हैं।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि अहमदाबाद से यात्रा करने के लिए उन्हें 3,72,824 रुपये जमा करने को कहा गया है, जबकि मुंबई से यह रकम 3,04,843 रुपये तथा हैदराबाद एवं बेंगलुरु से क्रमश: 3,05,173 और 3,03,921 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जितना ही शुल्क लेने तथा 2100 रियाल देने संबंधी उनके अनुरोध पत्र पर हज समिति का अबतक कोई जवाब नहीं आया है।

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