देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को सामाजिक दिव्यांगता ऑडिट करने का निर्देश दिया

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नयी दिल्ली, 21 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को शहर में एक 'सामाजिक दिव्यांगता ऑडिट' करने का निर्देश देते हुए कहा है कि आवागमन की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए और दिव्यांग लोगों को हरसंभव तरीके से इसका आश्वासन दिया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति नजमी वज़ीरी ने 16 दिसंबर के अपने आदेश में कहा कि आवश्यक सक्षम बुनियादी ढांचे की अनुपलब्धता पूरे शहर में स्पष्ट है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। उन्होंने निर्देश दिया कि दिल्ली के मुख्य सचिव छह सप्ताह के भीतर ऑडिट करने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति करें जो निदेशक रैंक से कम का न हो।

अदालत ने मामले में प्रत्येक सार्वजनिक एजेंसी को निर्देश दिया कि नामित अधिकारी के साथ समन्वय और सहयोग के लिए वे एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करें जो कार्यकारी अभियंता के पद से नीचे का न हो।

अदालत एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो अपने स्कूली दिनों में कमर के नीचे स्थायी रूप से दिव्यांग हो गई थी।

इसने कहा कि याचिकाकर्ता अब फुटपाथ, संकरी गलियों और परिवहन सुविधाओं जैसे बस या मेट्रो का उपयोग करने में असमर्थ है।

न्यायाधीश ने कहा कि आवागमन की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए और दिव्यांग लोगों को हरसंभव तरीके से इसका आश्वासन दिया जाना चाहिए।

मामले में अगली सुनवाई फरवरी में होगी।

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