देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण के लिए किए गए कार्य की सराहना की
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प्रयागराज, 12 फरवरी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण के लिए किए गए कार्य की सराहना की और उम्मीद जताई कि प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति महामारी से बचाव के लिए टीका लगवाएगा।
पिछले शुक्रवार को कोविड-19 से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने कहा, “इस मामले में सुनवाई पर आगे बढ़ने से पहले हम कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य और इसके तंत्र द्वारा किए गए कार्य की सराहना दर्ज कराना चाहेंगे। हम यह भी देख रहे हैं कि कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या घट रही है जोकि एक बहुत सकारात्मक संकेत है।”
टीकाकरण के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों ने अदालत को बताया कि टीके की उपलब्धता के मुताबिक, टीकाकरण कार्यक्रम जारी है।
एंबुलेंस की उपलब्धता के सवाल पर प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी ने बताया कि यहां दो एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस है। अदालत को यह भी बताया गया कि सीएमओ कार्यालय के पास तीन एंबुलेंस है।
अदालत ने नोडल अधिकारी ऋषि सहाय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “जहां तक उनके द्वारा किए गए कार्य का संबंध है, हम महामारी के दौरान उनके द्वारा किए गए कार्य की सराहना करते हैं। महामारी काल में इस तरह के अधिकारियों का तबादला नहीं किया जाना चाहिए खासकर तब जब टीकाकरण का कार्यक्रम जोर शोर से चल रहा है।”
अदालत ने इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख एक मार्च, 2021 तय की।
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