देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने केंद्र को विशेष ओलंपिक के लिए भारतीय टीम के लिए धनराशि जारी करने की अनुमति दी

नयी दिल्ली, आठ जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2022 के आदेश को संशोधित करते हुए केंद्र को आगामी विशेष ओलंपिक विश्व खेलों, 2023 में भारतीय टीम की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए धनराशि जारी करने की अनुमति दी है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2022 में केंद्र को निर्देश दिया था कि देश में खेलों के प्रशासन से संबंधित कानून के अनुपालन नहीं करने वाले राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को कोई कोष या सहायता प्रदान नहीं की जाये।

अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब केंद्र ने कहा कि उसके पहले के निर्देश के मद्देनजर विशेष ओलंपियाड में एथलीटों की भागीदारी के लिए धन जारी करना मुश्किल हो रहा है।

सरकार ने अदालत को बताया कि उसने भारतीय टीमों को विभिन्न खेल आयोजनों में भाग लेने में मदद करने के लिए धन जारी करने की अनुमति पहले भी दी थी।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दो जून को पारित एक आदेश में कहा था, ‘‘उपर्युक्त के मद्देनजर, यह न्यायालय भारत संघ को विशेष ओलंपिक विश्व खेलों, 2023 में भारतीय टीम की भागीदारी के लिए यात्रा व्यय, आवास आदि के लिए धन जारी करने की अनुमति देने के लिए इच्छुक है।’’

जर्मनी के बर्लिन में 17 जून से 25 जून के बीच विशेष ओलंपिक होने हैं।

अदालत ने कहा कि धन का वितरण एथलीटों के प्रशिक्षण और यात्रा, उनके लिए कोचों की व्यवस्था के साथ-साथ फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर किया जायेगा।

अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी धन ‘‘विशेष ओलंपिक भारत के पदाधिकारियों और विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों और सदस्यों पर खर्च नहीं किया जायेगा।

यह आदेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा की उस याचिका पर पारित किया जिसमें राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) द्वारा राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुपालन का अनुरोध किया गया है।

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