विदेश की खबरें | अमेरिका में अकेले आए बच्चों को आव्रजन न्यायालय में प्रतिनिधित्व के लिए दी जाने वाली मदद रोकी गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सरकार का यह कदम निर्वासन के खिलाफ लड़ रहे उन लोगों के लिए एक झटका है जो वकील का खर्च नहीं उठा सकते।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सरकार का यह कदम निर्वासन के खिलाफ लड़ रहे उन लोगों के लिए एक झटका है जो वकील का खर्च नहीं उठा सकते।

‘अकेसिया सेंटर फॉर जस्टिस’ ने कहा कि वह अपने संघीय अनुबंध के तहत 26,000 प्रवासी बच्चों को सेवाएं प्रदान करता है।

गृह मंत्रालय ने यह ‘‘काम रोकने के आदेश’’ के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और समूह को केवल इतना बताया कि यह कदम ‘‘आपके नियंत्रण से बाहर के कारणों’’ के तहत उठाया गया है और इसे खराब प्रदर्शन के आधार पर लिए गए निर्णय के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। यह आदेश अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगा।

गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय ने इस मामले से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है।

अकासिया ने कहा कि वह देश भर में 85 संगठनों के नेटवर्क के माध्यम से कानूनी सहायता कार्यक्रम चलाता है जिसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

निर्वासन को चुनौती देने वाले लोग अपने खर्च पर वकील रख सकते हैं, लेकिन सरकार उन्हें यह सुविधा नहीं देती। ‘सेंटर फॉर जेंडर एंड रिफ्यूजी स्टडीज’ में प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की निदेशक क्रिस्टीन लिन ने कहा, ‘‘किसी बच्चे से यह उम्मीद करना बेतुका और बेहद अन्यायपूर्ण है कि वह आव्रजन न्यायालय में खुद का प्रतिनिधित्व करेगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\