देश की खबरें | अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अरुणाचल प्रदेश में बुधवार को मूसलाधार बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और भूस्खलन हुआ। इससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

ईटानगर, 29 जून अरुणाचल प्रदेश में बुधवार को मूसलाधार बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और भूस्खलन हुआ। इससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे में भूस्खलनों में दो और लोगों की मौत हो गयी जबकि लापाता दो अन्य लोगों के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

मंगलवार को होल्लोंगी में भीषण भूस्खलन में जल शोधन संयंत्र में काम कर रहा एक मजदूर दब गया। रात में उसका शव बरामद किया गया।

पश्चिमी सियांग जिले में दारला गांव के समीप भूस्खलन में ट्रांस अरुणाचल हाईवे परियोजना में काम कर रहे एक निर्माण मजदूर की दबकर मौत हो गयी। मृतक की पहचान असम के लखीमपुर जिले के लालुक निवासी टीलू कलांदी के तौर पर की गयी है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नीमा ताशी ने बताया कि पापुम पारे के हुतो गांव मेंदो में लापता लोगों की तलाश जारी है। अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के कर्मी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में इस साल अभी तक बाढ़ और भूस्खलन में 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

सियांग जिले में 1448 ब्रिज कंसट्रक्शन कंपनी (बीसीसी) के साथ काम कर रहे छह मजदूरों को बाढ़ से बचाया गया। सियांग नदी के उफान पर होने के कारण बोलेंग में उनका शिविर बह गया था।

बारिश और भूस्खलनों से राज्य के कई इलाकों से संपर्क टूट गया, जिनमें से ज्यादा दूरवर्ती इलाके हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पापुम पारे में भूस्खलनों के कारण चिम्पू-होल्लोंगी रोड़ अवरुद्ध है, सियांग में पैनगिन-बोलेंग रोड अवरुद्ध है, पश्चिमी सियांग में बोलेंग-रुमगोंग रोड अवरुद्ध है और पश्चिमी कामेंग में बालेमु-बोमडिला रोड अवरुद्ध है।

पापुम पारे जिले के तलहटी वाले क्षेत्रों में स्थित कई गांवों और शहरों का संपर्क टूट गया है।

पूर्वी सियांग जिलों में सिबो कोरोंग नदी में बाढ़ आने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। पागला नदी के पानी से भी कुछ इलाकों में बाढ़ आ गयी है।

राजधानी ईटानगर में कई संपर्क सड़कें भी अवरुद्ध हैं। बारिश से पेयजल और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जिलों में कृषि योग्य भूमि पर भी असर पड़ा है।

ईटानगर में बारिश के कारण सभी स्कूल और कॉलेजों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

शहर में चार अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं जबकि संवदेनशील इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

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