जरुरी जानकारी | विदेशों में दाम टूटने से तेल-तिलहन कीमतों में भारी गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेश से आयात होने वाले खाद्य तेलों में जोरदार गिरावट के बीच देश में बुधवार को लगभग सभी खाद्य तेल तिलहन कीमतों में नरमी रही। सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई।
नयी दिल्ली, 31 मई विदेश से आयात होने वाले खाद्य तेलों में जोरदार गिरावट के बीच देश में बुधवार को लगभग सभी खाद्य तेल तिलहन कीमतों में नरमी रही। सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई।
सूत्रों ने कहा कि जिन कारोबारियों के ब्राजील, अर्जेन्टीना में तेल प्रसंस्करण संयंत्र हैं, उन्हें मौजूदा स्थिति आरामदेह लग रही है। उनकी ओर से कोई प्रवक्ता कभी वायदा कारोबार खोलने की, कभी खाद्यतेलों के बीच शुल्क अंतर बढ़ाने की, खाद्यतेलों के आयात शुल्क बढ़ने पर महंगाई बढ़ने की, तेल उद्योग को फायदा होने जैसी बातों को उठाते हैं।
लेकिन उनकी चिंता इस बात की कभी नहीं देखी जाती कि सरसों, बिनौला, सूरजमुखी जैसे देशी तिलहन, सस्ते आयातित तेलों की वजह से नहीं खप रहे जो देश के खाद्यतेल तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने की राह में रोड़े अटकाते हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतों की गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा, इस अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बारे में वे कभी भी नहीं बोलते।
मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में भारी गिरावट है। पिछले वर्ष मई में, सूरजमुखी तेल का भाव 2,500 डॉलर प्रति टन था जबकि इस बार शुल्कमुक्त आयातित सूरजमुखी तेल का भाव घटकर 860 डॉलर प्रति टन रह गया है। यानी जो भाव पिछले वर्ष लगभग 200 रुपये लीटर था वह अब 65 रुपये लीटर पड़ता है।
पिछले वर्ष की इस अवधि में सीपीओ और पामोलीन का भाव 2,180 डॉलर प्रति टन था जो अब घटकर 810 डॉलर रह गया है। इन वजहों से विदेशों से खाद्यतेलों का इतनी भारी मात्रा में आयात हो रहा है कि इससे देशी तेल तिलहनों का मंडियों में खपना नामुमकिन नजर आ रहा है।
सूत्रों ने कहा कि पिछले वर्ष इन दिनों सरसों की मंडियों में लगभग 11-11.5 लाख बोरी की आवक हो रही थी जो अब घटकर लगभग 6.5 लाख बोरी रह गई है। सरसों तिलहन का एमएसपी 5,450 रुपये क्विन्टल है पर ‘लूज’ में बाजार भाव लगभग 4,500 रुपये क्विन्टल है। देशी सूरजमुखी बीज का एमएसपी 6,400 रुपये क्विन्टल है पर मंडी भाव 4,000 रुपये क्विन्टल पर भी लिवाल नजर नहीं आते।
बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 4,730-4,830 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,200-6,260 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,335-2,600 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 8,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,535-1,615 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,535-1,645 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,700 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,030-5,105 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,805-4,880 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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