देश की खबरें | पीएमएलए फैसले पर पुनर्विचार संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई 16 अक्टूबर तक स्थगित

नयी दिल्ली, 18 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को इस सवाल पर सुनवाई 16 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी कि क्या धनशोधन रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्क करने की प्रवर्तन निदेशालय की शक्तियों को बरकरार रखने वाले उसके 2022 के फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।

इससे पहले, आज न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई तीन अक्टूबर तक स्थगित कर दी थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले का जिक्र किया और स्थगन का अनुरोध किया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इसका कड़ा विरोध किया।

बाद में दोपहर को न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मामले में पेश वकीलों से कहा कि न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां के साथ पीठ के सदस्य न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार 27 सितंबर से 13 अक्टूबर तक अवकाश पर हैं।

इसके बाद शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर तक स्थगित कर दी।

न्यायालय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें 27 जुलाई 2022 के आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है।

उच्चतम न्यायालय ने 2022 के अपने आदेश में पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी और धन शोधन में शामिल संपत्ति की कुर्की, तलाशी और जब्ती की ईडी की शक्तियों को बरकरार रखा था।

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