देश की खबरें | 11 अन्नाद्रमुक विधायकों को अयोग्य घोषित कराने के लिये द्रमुक की याचिका पर न्यायालय में सुनवाई टली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुये तमिलनाडु विधान सभा अध्यक्ष के पास लंबित याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश देने के लिये द्रमुक की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई स्थगित कर दी। द्रमुक चाहता है कि न्यायालय अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिये दायर याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने का अध्यक्ष को निर्देश दे।

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नयी दिल्ली, 16 जून उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुये तमिलनाडु विधान सभा अध्यक्ष के पास लंबित याचिका पर निर्णय लेने का निर्देश देने के लिये द्रमुक की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई स्थगित कर दी। द्रमुक चाहता है कि न्यायालय अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिये दायर याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने का अध्यक्ष को निर्देश दे।

अन्नाद्रमुक के इन विधायकों ने 2017 सदन में विश्वास मत के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के खिलाफ मत दिये थे।

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द्रमुक ने अपने नये आवेदन में कहा है कि विधान सभा अध्यक्ष के पास यह मामला 20 मार्च 2017 से लंबित है लेकिन उन्होंने अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों को दल बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के मामले में अभी तक निर्णय नहीं लिया है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से द्रमुक की ओर से वरिष्ठ अधिवकता कपिल सिब्बल की दलीलें कुछ समय सुनीं और दूसरे पक्ष से जानना चाहा कि इस याचिका पर अध्यक्ष कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।

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सिब्बल ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन तो 24 मार्च को हुआ है लेकिन यह याचिका तो काफी पहले से लंबित है और अध्यक्ष ने इस पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने इसका विरोध किया।

पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले को 15 दिन बाद कोविड-19 की स्थिति को देखते हुये सूचीबद्ध किया जायेगा।

द्रमुक का कहना है कि शीर्ष अदालत के 14 फरवरी के आदेश के बावजूद अध्यक्ष ने अभी तक इस मामले में कुछ नहीं किया है। न्यायालय ने 14 फरवरी को अध्यक्ष से कहा था कि वह कानूनी प्रावधानों के अनुसार अयोग्यता की याचिकाओं पर फैसला करे।

अनूप

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