देश की खबरें | नियमितिकरण की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हजारों स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण की मांग लेकर शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं।
रायपुर, 19 सितंबर छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हजारों स्वास्थ्य कर्मचारी नियमितीकरण की मांग लेकर शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा ने शनिवार को बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर राज्य के 13 हजार संविदा कर्मचारियों ने जिला मुख्यालयों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
सिन्हा ने कहा कि पिछले कई वर्ष से और खासकर इस वैश्विक महामारी के दौरान चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, इस दौरान कई एनएचएम कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित भी हुए हैं एवंतथा
पदाधिकारी ने कहा कि राज्य शासन के इस उपेक्षित रवैये से राज्य के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में काफी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। शासन के इस रुख को देखते हुए राज्य के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आज से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल से उत्पन्न किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति की सारी जवाबदेही शासन की होगी।
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राज्य में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एनएचएम के कर्मचारी कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान नमूना एकत्र करने, कांटेक्ट ट्रेसिंग, मरीजों का रिकार्ड रखने तथा होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों को तकनीकी सुविधा मुहैया कराने का कार्य करते हैं। इनके हड़ताल में जाने से स्वास्थ्य सुविधा में परेशानी होगी।
इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य में एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल में जाने के बाद मरीजों को परेशानी न हो इसकी व्यवस्था की जा रही है और यदि संविदा कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटते हैं तब नए लोगों की भर्ती की जाएगी।
सिंहदेव ने कहा कि यह दुर्भाग्यजनक है कि ऐसे समय में स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि कई जिलों में एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर नहीं गए।
सिंहदेव ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की नियुक्ति वार्षिक होती है। वह राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं होकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत काम करते हैं। उनके लिए धन भी एनएचएम के तरफ से आता है। वह इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं और यदि यह मिशन बंद होगा तब उनकी सेवाएं भी बंद हो जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चुनाव के दौरान उनसे वादा किया गया था कि उन्हें एक वर्ष में नहीं हटाया जाएगा तथा कोशिश की जाएगी कि उनकी नौकरी बनी रहे।
वहीं राज्य के स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया के दौरान एनएचएम के कर्मचारियों को बोनस अंक भी दिया जा रहा है।
सिंहदेव ने बताया कि एनएचएम के कर्मचारियों से कहा गया है कि वह अपने कार्य पर वापस लौटें। यदि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का अभाव होगा तब हम स्वाभाविक रूप नए लोगों की भर्ती करेंगे।
संजीव
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