लखनऊ (उप्र), 11 अक्टूबर हाथरस में दलित समुदाय की 19 वर्षीय एक युवती के कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में पीड़िता के परिजन सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष पेश होंगे।
अदालत ने हाथरस के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत उच्चाधिकारियों को भी उसके समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।
हाथरस के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या युवती का परिवार लखनऊ के लिए रवाना हो गया है, तो उन्होंने ‘न’ में जवाब दिया।
जायसवाल ने बताया कि युवती के परिजनों को अदालत में पेश करने के संबंध में जिला न्यायाधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘जिला न्यायाधीश नोडल अधिकारी हैं और वहीं समन्वय स्थापित कर रहे हैं। जैसा वह बताएंगे, उसी हिसाब से परिजन रवाना होंगे।''
उन्होंने बताया कि युवती का परिवार अभी हाथरस में ही है।
अदालत ने एक अक्टूबर को हाथरस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था), जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सोमवार को तलब किया।
खंडपीठ ने अधिकारियों को मामले से संबंधित दस्तावेज लेकर आने को कहा है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दिया था।
जायसवाल ने बताया कि युवती के परिवार की सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम किया गया है। परिवार की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस उप महानिरीक्षक शलभ माथुर संभाल रहे हैं।
शलभ ने ‘पीटीआई-’ को बताया था कि जरूरत पड़ने पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा।
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