देश की खबरें | हरियाणा का बजट महज बयानबाजी, किसान विरोधी : कांग्रेस

चंडीगढ़, 23 फरवरी हरियाणा में भाजपा-जजपा सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किए गए बजट पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस बजट ने राज्य के हर वर्ग, खासकर किसानों को ‘‘खाली हाथ छोड़ दिया’’ है और यह महज बयानबाजी है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आज 2023-24 का 1.83 लाख करोड़ का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री के पास ही राज्य का वित्त विभाग है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में खास कर सामाजिक, कृषि और युवाओं पर जोर देते हुए कई नई पहलों की घोषणा की और कोई नया कर नहीं लगाया है ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा, ‘‘बजट ने सभी वर्गों को खाली हाथ छोड़ दिया है। भारतीय जनता पार्टी-जननायक जनता पार्टी सरकार ने बजट को केवल बयानबाजी तक समेट दिया है क्योंकि बजट में जो भी कहा जाता है वह धरातल पर कभी लागू नहीं होता है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार बजट को "केवल एक औपचारिकता" मानती है और इसमें किए गए वादों और घोषणाओं को लागू करने के बारे में कभी गंभीरता नहीं दिखाती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने शिक्षा के लिए 20,340 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का सिर्फ दो प्रतिशत है, जबकि नई शिक्षा नीति में छह प्रतिशत खर्च करने की सिफारिश की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर 9,647 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है, जो बजट का केवल 5.2 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में साल 2020 तक स्वास्थ्य सेवाओं पर आठ प्रतिशत व्यय की सिफारिश की गई थी।’’

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की बात करें तो सरकार ने इस पर 7,342 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।

उन्होंने कहा कि यह कुल बजट का केवल 3.9 प्रतिशत है जबकि हरियाणा की 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इतनी बड़ी आबादी के लिए चार फीसदी से कम खर्च करना अनुचित है।

हुड्डा ने कहा कि इतना ही नहीं, किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर भी यह बजट पूरी तरह खामोश है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह रवैया उसकी किसान विरोधी और कृषि विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता ने कहा, "बजट से स्पष्ट हो गया है कि कर्ज लगातार बढ़ रहा है... बढ़ते कर्ज के कारण सरकार को 56,769 करोड़ रुपये केवल मूलधन और ब्याज चुकाने में खर्च करने होंगे।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार से ‘बढ़ते कर्ज’ पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करती है।

इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने बजट को "आंकड़ों की बाजीगरी" करार दिया और दावा किया कि कुछ क्षेत्रों के आवंटन में कटौती की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बजट ने विभिन्न वर्गों को निराश किया है।

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